Mayur Shelkhe:तेज रफ़्तार ट्रेन के सामने गिरे बच्चे की मसीहा बनकर प्वाइंटमैन ने बचाई जान, देखें VIDEO

मुंबई, अप्रैल 19: वर्तमान समय में अपने ही अपनों के काम नहीं आ रहे लेकिन अभी भी हमारे आस-पास ऐसे लोग हैं जो अपनी जान की परवाह किए दूसरों की मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इससे पहले ऐसे सीन आपने केवल फिल्‍मों में ही देखें होगें। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे इस वीडियो में दिख रहा है कि कैसे तेज रफ्तार ट्रेन के सामने पटरी पर अचानक गिरे बच्‍चे को प्‍वाइंटमैन ने अपनी जान पर खेल कर अंतिम क्षण में बचाया।

संतुलन खोने के कारण पटरी पर गिर गया बच्‍चा

संतुलन खोने के कारण पटरी पर गिर गया बच्‍चा

दरअसल, ये वीडियो भारतीय रेलवे के मुंबई डिजीजन का है। वांगनी रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म 2 का ये हादसा है। एक यात्री अपने दो बच्‍चों के साथ प्‍लेटफार्म पर ट्रेन आने का इंतजार कर रहा था। जिसमें एक बच्‍चा छोटा था जो उस यात्री की गोद में था और दूसरा बच्‍चा जो लगभग तीन साल का रहा होगा वो उसका पिता का हाथ पकड़े हुआ था। जैसे ही प्‍लेटफार्म पर ट्रेन आने वाली थी यात्री अपने दोनों बच्‍चों के साथ आकर प्‍लेटफार्म के बिलकुल किनारे आ गया।

 बच्चे को प्वाइंटमैन ने खुद की जान पर खेलकर बचाया

बच्चे को प्वाइंटमैन ने खुद की जान पर खेलकर बचाया

प्‍लेटफार्म के किनारे आते ही दूसरे बच्‍चे का संतुलन बिगड़ गया और पिता की छोटी सी चूक के कारण नीचे पटरियों पर गिर गया। चूंकि दूसरा बच्‍चा उसके हाथ में था वो प्‍लेटफार्म पर किनारे लेट कर अपने पटरी पर गिरे बच्‍चे को बचाने की कोशिश कर रहा था और उधर से तेज रफ्तार ट्रेन आ रही थी। मजबूर बाप एक बच्‍चे को हाथ में लिए दूसरे बेटे को बचाने की कोशिश कर ही रहा था लेकिन कामयाब नहीं हुआ। तभी दूसरी ओर से प्‍लेटफार्म पर तैनात प्‍वाइंटमैन जिनका नाम मयूर शेल्‍खे हैं उन्‍होंने अपनी जान पर पर खेल कर दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन की पटरी पर कूदकर आखिरी क्षण में बच्‍चे की जान बचाई।

आखिरी सेकेंड में नहीं बचाया होता तो

आखिरी सेकेंड में नहीं बचाया होता तो

महाराष्‍ट्र मुंबई डिवीजन में मयूर शेल्खे के इस नेक काम की जमकर तारीफ हो रही है। मयूर शेल्‍खे ने अपनी जान की बाजी लगाकर पटरी से बच्‍चे को आखिरी सेकेंड में नहीं बचाया होता तो शायद पटरी पर गिरे बच्‍चे और उसको बचाते हुए पिता और उसका छोटा बेटा तेज रफ्तार की चपेट में आकर मौत के काल में समा जाते। यात्री बेटे को जिंदा पाकर मसीहा बनकर आए मयूर शेल्‍खे को नम आंखों से धन्‍यवाद दे रहा था बोला मेरे बेटे को आपने भगवान बनकर बचाया।


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