महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन, नासा में भी कर चुके हैं काम
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पटना। महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का आज बिहार के पटना शहर में निधन हो गया है। नारायण सिंह बीते 40 साल से सिजोफ्रेनिया नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित थे। वह बीते दिनों से काफी बीमार चल रहे थे। उनका निधन 74 साल की उम्र में हुआ है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है।

नारायण सिंह पटना के कुल्हरिया कॉम्पलेक्स में अपने परिवार के साथ रहते थे। बीमारी के चलते उन्हें पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके परिजन आरोप लगा रहे हैं कि उनके निधन के दो घंटे बाद एंबुलेंस उपलब्ध करवाया गया है। महान गणितज्ञ के निधन की खबर से पूरे देश में गम का माहौल है।
पू्र्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी नारायण सिंह के निधन पर शोक जताया है। मांझी का कहना है कि नारायण सिंह के निधन से समाज को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

नासा में काम किया
गणितज्ञ नारायण सिंह ने वैज्ञानिक आइंस्टीम के सिद्धांत को चुनौती दी थी। उनके बारे में जो सबसे ज्यादा मशहूर बात है, वो ये है कि जब नासा में अपोलो को लॉन्च किए जाने से पहले 31 कंप्यूटर कुछ समय के लिए बंद हो गए थे, तब उनके ठीक होने पर नारायण सिंह और कंप्यूटर्स का कैलकुलेशन एक जैसा था।

1965 में अमेरिका गए
पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन कैली की नजर नारायण सिंह पर पड़ी और उन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना। फिर साल 1965 में वह अमेरिका चले गए। उन्होंने 1969 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर बन गए। उन्होंने नासा में भी काम किया। हालांकि वह साल 1971 में भारत लौट आए थे।

1973 में शादी
भारत लौटने के बाद नारायण सिंह ने आईआईटी कानपुर, आईआईटी बंबई में नौकरी की। 1973 में उनकी शादी हो गई, जिसके कुछ समय बाद वह मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हो गए। इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद उनकी पत्नी ने उनसे तलाक ले लिया था।












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