फ्लाइट में यात्रा के दौरान मास्क की अनिवार्यता खत्म, नहीं देना पड़ेगा जुर्माना
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत सहित दुनिया के लगभग सभी देशों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया था। लेकिन अब जैसे-जैसे कोरोना वायरस संक्रमण सुस्त पड़ रहा है। वैसे-वैसे भारत सहित तमाम देशों की तरफ से कोविड-19 की गाइडलाइंस में भी छूट दी जा रही है। इसी क्रम में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फ्लाइट में यात्रा के दौरान मास्क पहनने की अनिवार्याता को भी खत्म कर दिया है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से यात्रा के दौरान एहतियातन मास्क पहनने के लिए जरूर अपील की है।

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मंत्रालय ने कहा मास्क पहनना अनिवार्य नहीं, लेकिन यात्रा के दौरान पहने
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से बुधवार को कहा गया कि हवाई यात्रा के दौरान मास्क का उपयोग अनिवार्य नहीं है, लेकिन कोरोनोवायरस मामलों की घटती संख्या के बीच भी यात्रियों को ज्यादा समय तक मास्क पहनने चाहिए। इससे संक्रमण के खतरे को और कम किया जा सकेगा।

अभी तक मास्क पहनना था अनिवार्य
मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि नया निर्णय सरकार की COVID-19 प्रबंधन प्रतिक्रिया की नई गाइडलाइंस के बाद लिया गया है। इससे पहले फ्लाइट में यात्रा के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य था। वहीं, जो लोग मास्क नहीं लगाते थे उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस कर दिया जाता था। मंत्रालय की तरफ से बयान में कहा गया है कि अब कोविड-19 के खतरे को देखते हुए पैसेजर को मास्क पहनने के लिए कहा जा सकता है।

मास्क नहीं लगाने पर नहीं लगेगा जुर्माना
नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि अब फ्लाइट्स में मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। दंडात्मक कार्रवाई के आदेश को मंत्रालय की तरफ से खत्म कर दिया गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त देश में सक्रिय कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या कुल संक्रमणों का केवल 0.02 प्रतिशत है। वहीं ठीक होने की दर बढ़कर 98.79 प्रतिशत हो गई।

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने में टीकाकरण का रहा है अहम रोल
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में टीकाकरण का अहम रोल रहा है। इस बात का दावा कई मेडिकल रिसर्च में भी किया जा चुका है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश का सबसे बुरा हाल पहली और दूसरी लहर में हुआ था। दूसरी लहर के दौरान अधिकतर मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी।












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