उरी में शहीद रवि पाल के बेटे ने कहा- मेरे पापा ने तिरंगे के लिए दी जान, मैं लूंगा उनकी मौत का बदला
सांबा। 18 सितंबर को जम्मू कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए रवि पाल के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा 10 वर्षीय वंश यह जानता है कि उनके पिता उरी आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं।
जम्मू और कश्मीर के सांबा में रहने वाले रवि पाल का बेटा वंश अपने पिता की तरह सेना का जवान बनना चाहता है।

सेना में 23 साल सेवा देने वाले रवि पाल अपने पीछे 42 वर्षीय पत्नी गीता,7 वर्षीय बेटा सुधांशीश, 80 वर्षीय मां को छोड़ गए हैं। वो 10 डोगरा रेजीमेंट के जवान थे।
मेरे पापा हर सुबह करते थे फोन
अपनी पिता की शहादत के बाद वंश ने कहा-'मेरे पापा हर सुबह मुझे फोन करते थे। उन्होंने मुझे कल कई मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने मुझसे मेरी पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए कहा ताकि मैं अपने सपने पूरे कर सकूं। मैं भारतीय सेना में डॉक्टर बनना चाहता हूं।'
छठीं क्लास में पढ़ने वाले वंश से जब यह पूछा गया कि क्या वह जानता है कि उसके पिता किस हादसे का शिकार हुए हैं तो उसने प्लास्टिक के दो तिरंगे उठाते हुए कहा 'मेरे पापा ने इस राष्ट्रीय ध्वज की शुचिता बनाए रखने के लिए अपनी जान दे दी।'
वंश ने कहा 'मैं सेना में डॉक्टर बन उनका सपना पूर करुंगा।' बता दें कि रवि पाल के दो अन्य भाई भी सेना में हैं।












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