देश के 8 प्रसिद्ध कथावाचक जो बिता रहे शादीशुदा जिंदगी, जानें उनके परिवार के बारे में
हमारे देश में ऐसे कई जाने माने कथावाचक हैं जिन्हें सुनने के लिए लाखों लोगों की भीड़ लगती है। लोग कथा सुनने के लिए दूर-दूर से आने के लिए तैयार रहते हैं। ये कथावचक लोगों को भागवत कथा से लेकर रामायण तक की पाठ सुनाते हैं। आम लोगों के साथ-साथ इनकी चरणों में नेताओं की भी लंबी कतार लगी होती है। लेकिन इन सब के बीच आज हम आपलोगों को देश के उन कथावाचकों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि कथा करवाने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी बिता रहे हैं। यानी आज हम बताएंगे उन कथावाचक के बारे में जो शादीशुदा जिंदगी जी रहे हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा
पंडित प्रदीप मिश्रा के परिवार में उनके माता-पिता उनके दो भाई और उनकी बीवी और उनके बच्चे हैं। उनके पिता का नाम रामदयाल मिश्रा है। उनके दो भाइयों के नाम विनय मिश्रा और दीपक मिश्रा है। पंडित प्रदीप मिश्रा शादीशुदा हैं लेकिन इनकी पत्नी और बच्चे का क्या नाम है अभी तक इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

देवकीनंदन ठाकुर महाराज
देवकीनंदन ठाकुर के पिता का नाम राजवीर शर्मा तथा माता का नाम श्रीमति अनसुईया देवी है। Devkinandan Thakur की पत्नी का नाम अंदमाता है तथा इन के पुत्र का नाम देवांश है। यह अपना साधारण जीवन जीते हैं जो लोगों के लिए प्रेरणा का काम करता है।
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज का जन्म 27 सितंबर 1989 में मध्यप्रदेश के दमोह जिले मे रिंवझा नामक गांव में हुआ है । Aniruddhacharya ji Maharaj एक जाने-माने कथावाचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। अनिरुद्ध महाराज एक शादीशुदा जीवन व्यतीत कर रहे है। उनकी पत्नी भी उनके जैसे प्रवचन और भक्ति गायन करती है। अनिरुद्ध आचार्य महाराज जी के दो संतान भी है। उनकी पत्नी को लोग गुरुमाता के नाम से जानते हैं परन्तु उनका असल नाम अभी तक मीडिया में नहीं आया है। उनकी पत्नी भी उन्हीं की तरह भगवत प्रेमी हैं। उन्हें भजनो से बहुत प्रेम हैं। वह एक भजन गाविका भी हैं। अनिरुद्धाचार्य जी के दो बच्चे भी हैं।
कानपुर वाले करौली सरकार
कानपुर वाले करौली सरकार बाबा उर्फ संतोष भदौरिया की पहली शादी रेल बाजार में रहने वाली रेनू सिंह से हुई थी। पहली पत्नी को किसी कारण से छोड़ दिया था। इसके संतोष सिंह भदौरिया ने दूसरी शादी कल्यानपुर में रहने वाली ममता तिवारी से की थी। ममता तिवारी से संतोष सिंह के दो बेटे हुए लव और कुश। बाबा ने अपने बेटों के नाम पर बिधून के करौली गांव में 14 एकड़ की जमीन पर लवकुश आश्रम बनाया था।
मोरारी बापू (Morari Bapu)
मोरारी बापू ( Morari Bapu) एक जाने-माने कथावाचक है। यह ज्यादातर राम कथा करते रहते हैं। इन्होंने भारत सहित पूरे विश्व में कई अलग-अलग देशों में राम कथा करवाते हैं। इनके अलावा दान देने के मामले में भी यह सबसे आगे रहते हैं। मोरारी बापू का जन्म 25 सितंबर 1946 को गुजरात के महुआ के पास तालगरजदा गांव में हुआ था। मोरारी बापू विवाहित है Morari Bapu की पत्नी का नाम नर्मदाबेन है। नर्मदाबेन से इन्हें 1 बेटा तथा 3 बेटियां हैं। जिनके नाम पृथ्वी हरियाणी, भावना, प्रसन्ना, तथा शोभना है।
राम रहीम
राम रहीम (Ram Rahim) की 10वीं की पढ़ाई छोड़ने के बाद 18 साल की उम्र में हरजीत कौर से शादी हो गई थी। उनकी तीन संतानें पैदा हुईं। इनमें दो बेटियां और एक बेटा है। हरजीत कौर डेरे में ही रहती हैं लेकिन उन्हें डेरे में रहने वाले लोगों ने भी कम ही देखा है।
श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी महाराज (Shri Krishna Chandra Thakur)
श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी महाराज जाने माने राम कथा वाचक हैं। उनकी कथा कहने की शैली लोगों को बहुत भाती है। श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर का जन्म 1 जुलाई 1960 को वृंदावन के पास लक्ष्मणपुरा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम रामशरण उपाध्याय और माता का नाम श्रीमती चंद्रदेवी है। ठाकुर जी के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटियां और एक पुत्र है।
आसाराम
दुष्कर्म मामले में आजीवन सजा काट रहे आसाराम भी शादीशुदा हैं। उनकी पत्नी का नाम लक्ष्मीबेन है जबकि बेटी का नाम भारती है। आसाराम के बेटे का नाम नारायण साईं है।












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