चालाक, धुर्त और पाखंडी थे महात्मा गांधी- मार्कंडेय काटजू
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में है। काटजू ने इस बार सारी हदों को पार करते हुए महात्मा गांधी को पाखंडी, चालाक और रास्कल्स तक कह डाला है। काटजू ने कहा कि गांधी की वजह से देश की यह दुर्दशा है और बेवकूफ भारतीयों ने गांधी को देश का हीरो बना दिया है।

गांधी हैं देश की समस्याओं की जड़
मार्कंडेय काटजू ने फेसबुक पर लिखा है कि भारत की अहम समस्याओं की जड़ महात्मा गांधी हैं। उन्होंने कहा कि गांधी ने झूठे और धोखेबाज थे, जिसके चलते भारत का विभाजन हुआ। यही नहीं गांधी अंग्रेजों के एजेंट के रूप में भी काम किया और अंग्रेजों की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम किया।
गांधी ने राजनीति में धर्म और जाति का दुरुपयोग किया
काटजू ने गांधी पर धार्मिक उन्माद फैलाने का भी आरोप लगाया है। काटजू ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि गांधी अपने भाषणों में धर्म का हमेशा जिक्र करते थे। गांधी रामराज्य, गो रक्षा, जाति व्यवस्था, ब्रह्मचर्य जैसे मुद्दों को खुलेआम लोगों के बीच कहते थे। गांधी के इन्ही भाषणों के चलते मुसलमानों में हिंदुओें के प्रति दुर्भावना जन्म लेने लगी।
गांधी की वहज से हुआ विभाजन, झूठा था सत्याग्रह आंदोलन
काटजू ने गांधी के जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गांधी के इन्ही विचारों के चलते मुस्लिम लीग अस्तित्व में आया जिसके चलते भारत का विभाजन हुआ। यही नहीं गांधी के इन्हीं विचारों के चलते भारत का स्वतंत्रता आंदोलन की रफ्तार फीकी पड़ी। गांधी के इन विचारों के चलते ही देश के सच्चे क्रांतिकारियों को नजरअंदाज किया गया। चंद्रशेखर आजाद, अशफाक, राजगुरु, सुखदेव, बिस्मिल सहित कई क्रांतिकारियों को गांधी के सत्याग्रह जैसे झूठे अभियान की वजह से अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
काटजू ने कहा कि 1947 में आजादी के बाद ही भारत के पतन की नींव गांधी ने रख दी थी। गांधी की गलत नीतियों के चलते ही भारत की वर्तमान दुर्दशा को टाला जाना असंभव हो गया है।












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