आर्मी, एयरफोर्स के बाद अब जम्मू कश्मीर में बुलाई गई नेवी की मार्कोस टीम
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के हालात बद से बदतर हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं लेकिन इसके बाद भी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।अब राहत और बचाव कार्य के लिए इंडियन नेवी के मरीन कमांडो यानी मार्कोस को भी बुला लिया गया है।

200 कमांडो तैनात
इन कमांडो को श्रीनगर-सोपोर हाईवे पर हैगांव में करीब 200 कमांडो राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। गोताखारों की और टीमें दिल्ली, मुंबई और विशाखापत्तनम से बुलाई गई हैं।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। बाढ़ में 150 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
एनडीआरएफ की 5 और टीमें मौके के लिए रवाना की गई है। राहत और बचाव कार्यों पर निगरानी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक टीम बनाई है जो संयुक्त सचिव की देखरेख में काम करेगी। बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए श्रीनगर, जम्मू और दिल्ली में कंट्रोल रुम स्थापित किए गए हैं।
झेलम में आए उफान से श्रीनगर शहर में पानी घुस गया है। कई जगहों पर लोगों के फंसे होने की खबर है।
लाल चौक समेत श्रीनगर के कई इलाकों में बाढ़ का तांडव दिख रहा है। श्रीनगर में लोगों को निकालने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। राहत और बचाव में एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों की भी सेवा ली जा रही है।
मंत्री भी गायब
जम्मू-कश्मीर में मोबाइल, लैंडलाइन और वायरलेस सेवाएं ठप हो गई हैं। दक्षिण कश्मीर का शेष राज्य से संपर्क अब भी टूटा हुआ है। दक्षिण कश्मीर में फंसे राज्य के तीन मंत्रियों का कोई अता-पता नहीं है। रविवार शाम के बाद हालांकि बारिश रुकी हुई है।
झेलम में भी पानी का स्तर नहीं बढ़ रहा है। लेकिन श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में हालात अब भी गंभीर हैं। राज्य सरकार के आदेश पर जम्मू डिवीजन में सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल 16 सितंबर तक बंद रहेंगे।
शुरू हुई मां वैष्णों की यात्रा
जम्मू में भी बाढ़ का तांडव नजर आ रहा है। हालांकि, मौसम ठीक होने पर वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू कर दी गई है। कश्मीर घाटी के लिए नाव और दवाएं जम्मू टेक्निकल एयरपोर्ट भेजी जा रही हैं।
श्रीशक्ति एक्सप्रेस से वैष्णो देवी की यात्रा पर गए रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को बसों से जम्मू भेजा गया है। ये लोग पिछले तीन दिनों से रामनगर और ऊधमपुर में फंसे थे जो सोमवार को दिल्ली पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री ट्विटर पर दे रहे जानकारी
बाढ़ पीडितों की मदद के लिए राज्य सरकार के पास मोटर बोट, दवाइयां, कंबल और टेंट की कमी है। सीएम उमर अब्दुल्ला में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ट्विटर के जरिए दी है। उमर हर पल होने वाले अपडेट को ट्विटर पर शेयर कर रहे हैं।












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