दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान, अभी भी ये रूट्स पूरी तरह से हैं बंद
नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसानों का प्रदर्शन जारी है। 11वें दिन भी वो दिल्ली से लगती दो राज्यों की सीमाओं पर डटे रहे। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार नए कानून को वापस नहीं ले लेती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर किसान आंदोलन से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई रास्तों पर ट्रैफिक मूवमेंट बंद कर दिया है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक किसान चिल्ला बॉर्डर पर डटे हुए हैं। जिस वजह से उसे दोनों ओर से यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गाजियाबाद से दिल्ली आने वाले लोगों को गाजीपुर वाला रूट नहीं लेने की सलाह दी गई है। एनएच-24 पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान मोर्चा संभाले हुए हैं, जिस वजह से वो बंद है। एनएच-24 के अलावा एनएच-44 पर भी लोगों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।
किसान आंदोलन के चलते मुकरबा और जीटीके रोड पूरी तरह बंद तो नहीं है लेकिन उस पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा सिंघू, औचंदी, पियाओ मनियारी, मंगेश बॉर्डर पर ट्रैफिक मूवमेंट पूरी तरह से बंद है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी आने-जाने वाले लोगों को लामपुर, सफियाबाद, सबोली, एनएच 8 / भोपड़ा / अप्सरा सीमा / पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के इस्तेमाल की सलाह दी है। वहीं किसान आंदोलन के चलते कई वैकल्पिक रास्तों को तो खोला गया है, लेकिन वहां पर वाहनों की संख्या ज्यादा होने से जाम की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
8 तारीख को होगी बड़ी दिक्कत
किसानों ने शनिवार को केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की बैठक की लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। जिस वजह से किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। जिसको अब तक 11 राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है। ऐसे में 8 तारीख को यात्रियों को और ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।












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