तमिलनाडु में लोग नहीं लगवा पा रहे वैक्सीन की दूसरी डोज, स्वास्थ्य केंद्रों पर खत्म हुआ स्टॉक
चेन्नई। केंद्र सरकार ने भले ही 1 मई से 18 साल से उपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की घोषणा कर दी हो, लेकिन हकीकत तो ये है कि देश में वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है। दरअसल, तमिलनाडु में कई वरिष्ठ नागरिक और 45 साल से उपर के कई लोग ऐसे हैं, जो वैक्सीन की दूसरी डोज अभी नहीं ले पाए हैं और इसकी वजह है प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की कमी होना।

ग्रामीण इलाकों में लोगों को पहली डोज ही नहीं मिल रही
द हिंदू की खबर के मुताबिक, चेन्नई की स्थिति ऐसी है कि यहां ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन की पहली डोज ही काफी सीमित लोगों को मिली है। इसके अलावा दूसरी डोज के लिए हो रही मुश्किलें भी चेन्नई में देखने को मिल रही हैं। ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर रहने वाले मैथ्यू थॉमस कोवैक्सिन की दूसरी डोज लेने के लिए इंजामबक्कम हेल्थ सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि अभी उनके पास कोवैक्सीन उपलब्ध ही नहीं है, स्टॉक में कोविशील्ड है। थॉमस का कहना है कि उन्हें कोवैक्सीन का इंतजार है, क्योंकि उन्हें पहली डोज कोवैक्सीन की लगी थी। थॉमस का कहना है कि वैक्सीन को लेकर जो भी दावे किए जा रहे हैं, जमीनी हकीकत उनसे बहुत अलग है।
तमिलनाडु में हो रही है वैक्सीन की कमी
आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के लिए 20 लाख वैक्सीन की मांग की थी। एमके स्टालिन ने कहा था कि केंद्र सरकार को राज्य सरकारों को वैक्सीन, दवाई और अन्य चिकित्सा उपकरण खरीदने की अनुमति देनी चाहिए ताकि हर बार अनुमति का इंतजार ना करें। आपको बता दें कि तमिलनाडु में वैक्सीन के बर्बाद होने की भी खबरें खूब सामने आई हैं।












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