मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी को उनके भाषण के लिए दी है खास सलाह
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत दी है कि जब वह गैर भाजपा शासित राज्यों का दौरा करें तो अपने बयान पर ध्यान देना चाहिए। मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को विवादित बयान देने से बचना चाहिए और लोगों के सामने बेहतर उदाहरण पेश करना चाहिए। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को मेरा सुझाव है कि बतौर प्रधानमंत्री उन्हें अपने बयान सोच-समझकर देना चाहिए और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री गैर भाजपा शासित राज्यों का दौरा करते हैं तो मुझे लगता है कि उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे की पीएम पद की गरिमा को ठेस पहुंचे।

पीएम बेहतर उदाहरण पेश करें
मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे, उस वक्त का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब मध्य प्रदेश का दौरा करते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछना चाहिए कि क्या कभी केंद्र सरकार ने उनके साथ भेदभाव किया। ऐसे में मैं कहना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री को खुद एक बेहतर उदाहरण पेश करना चाहिए, वह देश के हर नागरिक के प्रधानमंत्री हैं और उनका आचरण इसी के अनुरूप होना चाहिए। गौर करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं।

कांग्रेस पर साधा था निशाना
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तमाम रैलियों में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधते हैं। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी परिवार पर भी हमला बोला है। छत्तीसगढ़ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा क्या राहुल गांधी के परिवार ने छत्तीगढ़ के विकास के लिए पाइपलाइन को बिछाने का काम कराया। पीएम ने पूछा कि आपने आखिरकार 100 सालों में यह क्यों नहीं किया, आप चार पीढ़ियों तक सत्ता में रहे, आखिर आपने यह काम क्यों नहीं किया।

गांधी परिवार पर बोला हमला
प्रधानमंत्री ने गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ की रैली में कहा था कि क्या आपके नाना-नानी, दादा-दादी ने यहां पाइप लाइन बिछाई थी और रमन सिंह ने उसे तोड़ दिया था। पहले आप हमे बताइए कि आपने यह क्यों नहीं किया, उसके बाद हमसे पूछिए कि हमने क्या नहीं किया। प्रधानमंत्री ने यह बयान छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए दिया था। पीएम के इस बयान की कांग्रेस ने तीखी आलोचना की थी। जयराम रमेश ने कहा कि पीएम ने अपने पद की गरिमा के अनुसार बयान नहीं दिया, उन्होंने इतिहास के तथ्यों को गलत पेश किया और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को गाली दी।
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