Manipur Violence: मणिपुर में मई से अब-तक 6 हजार FIR, मर्डर केस 70, गिरफ्तारी सिर्फ 657
Manipur Violence: मणिपुर में 3 मई जातीय हिंसा भड़कने के बाद से मणिपुर पुलिस ने कम से कम 6,000 मामले दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज एफआईआर प्रमुख रूप से अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हैं। उसमें 70 मर्डर केस के मामले हैं।
पुलिस ने कहा कि अलग-अलग जिलों में झड़पों से जुड़े मामलों में इंफाल घाटी और आसपास के पहाड़ी इलाकों से अब-तक कुल 657 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मणिपुर प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में हत्या के 70 मामले दर्ज किए गए हैं।

न्यूज 18 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मामलों के बाद मणिपुर में सिर्फ लगभग 2,000 उप-निरीक्षक रैंक के अधिकारी ही जांच करने के लिए अधिकृत हैं। अधिकारियों ने कहा कि चूंकि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसलिए अधिकतम मामलों में जांच शुरू भी नहीं हुई है या वहीं कई केस सिर्फ प्रारंभिक चरण में है।
सूत्रों ने दावा किया कि ऐसे पुलिस कर्मी हैं जिन्हें उनके समुदाय से संबंधित क्षेत्रों में तैनात किया गया है या तैनात करने के लिए चुना गया है, उनमें से कुछ ने अपना प्राथमिक पुलिस स्टेशन भी छोड़ दिया है क्योंकि वे दूसरे समुदाय के अधिकार क्षेत्र में थे।
एक अधिकारी के मुताबिक, ''लगभग हर दिन, हम 75 मामले दर्ज कर रहे हैं लेकिन उनकी जांच के लिए हमारे पास सीमित संख्या में पुलिस कर्मचारी नहीं हैं। इन कर्मचारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, हम एक समुदाय के पुलिसकर्मियों को दूसरे समुदाय के इलाके में भेजने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। अगर हम किसी आरोपी को पकड़ने में कामयाब हो जाते हैं, तो उनको वहां से लाना भी एक मुश्किल भरा काम है। परिवहन की दिक्कत है क्योंकि कई मामलों में, स्थानीय निवासी जबरन आरोपी व्यक्ति को रिहा करा लेते हैं।''
मणिपुर हिंसा में अब तक 142 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं लगभग 60 हजार लोग बेघर हो गए हैं। मई में में शुरू हुई हिंसा अब तक जारी है। मणिपुर के मेतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष 3 मई से जारी है।












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