मणिपुर में बिगड़ते जा रहे हालात, ताजा हिंसा में 10 की मौत, अब अमित शाह ने संभाला मोर्चा

Manipur Violence: मणिपुर में लगातार बिगड़ते हालात पर अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है। मणिपुर में 3 मई से मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसा जारी है।

Amit Shah Manipur Violence

Amit Shah Manipur Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्य के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। मणिपुर में 3 मई से मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं। इस हिंसक झड़प में जहां अब तक 40 उग्रवादी ढेर हुए हैं वहीं बीते 24 घंटे में पुलिसकर्मी समेत 10 आम लोगों की भी जान चली गई है। राज्य में बिगड़ते हालात ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मणिपुर में हिंसा पर काबू पाने के लिए सरकार अब सख्त से सख्त कदम उठाने को तैयार है।

इंफाल घाटी स्थित नागरिक समाज संगठन, मणिपुर इंटीग्रिटी पर समन्वय समिति (COCOMI) ने अमित शाह (Amit Shah) का स्वागत करते हुए कहा कि मणिपुर के लोग शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उनकी ओर देख रहे हैं, जबकि यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की यात्रा एक सकारात्मक पहल है और इससे स्थिति में सुधार आएगी।

अमित शाह के आगमन से कुछ घंटे पहले इंफाल पूर्वी जिले के पास वखनफाई इलाके में सोमवार को एक मेइती नागरिक मारा गया और एक अन्य घायल हो गया था। रविवार को इम्फाल पूर्व और काकचिंग जिले में दो पुलिसकर्मियों और एक संदिग्ध आतंकवादी सहित 10 लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार को इंफाल पूर्वी जिले में दिल का दौरा पड़ने से एक मेइती स्वयंसेवक की भी कथित तौर पर मौत हो गई।

कर्फ्यू के समय को बढ़ा दिया गया
ताजा हिंसा के बाद इंफाल वेस्टर और इंफाल ईस्ट के जिलों में कर्फ्यू के समय को बढ़ा दिया गया है। पहले इसमे सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक की ढील दी गई थी, लेकिन इसे कम करके सुबह 11.30 कर दिया गया है। बिष्णुपुर में कर्फ्यू सुबह 5 से दोपहर 2 बजे तक था, जिसे कम करके दोपहर 12 कर दिया गया।

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    मणिपुर में हिंसा क्यों हो रही है?
    मणिपुर में हिंसा की वजह यहां के मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देना है। मणिपुर में मैतेई समुदाय बहुसंख्यक वर्ग में आता है, लेकिन इन्हें अनुसचित जनजाति का दर्जा दे दिया गया है। जिसका कुकी और नागा समुदाय के लोग विरोध कर रहे हैं। हिंसा की दूसरी वजह है, सरकारी भूमि सर्वेक्षण। राज्य की बीजेपी सरकार आरक्षित वन क्षेत्र खाली करवा रही है। आदिवासी ग्रामीणों से आरक्षित वन क्षेत्र खाली करवाया जा रहा है।

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