Manipur Violence: मणिपुर में सेना शिविर पर हमला, 11 कुकी उग्रवादी ढेर, मैतेई समुदाय के घर फूंके गए
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार (11 नवंबर 2024) को राज्य के जिरीबाम जिले में कुकी उग्रवादियों ने सीआरपीएफ के कैंप पर हमला किया, जिसमें कम से कम 11 कुकी उग्रवादियों को जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका इलाज जारी है। मणिपुर में जारी इस हिंसा के दौरान कई हथियार भी बरामद किए गए हैं।
उग्रवादियों ने इससे पहले बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन पर हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके अलावा, जकुराधोर में मैतेई समुदाय के तीन-चार खाली पड़े घरों को उग्रवादियों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे समुदाय में डर का माहौल है। राज्य में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी तनाव और हिंसा के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

कुकी-जो परिषद का बंद का आह्वान
राज्य में बढ़ते तनाव के बीच कुकी-जो परिषद ने मंगलवार को सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। इस बंद का उद्देश्य कुकी समुदाय पर हो रहे हमलों का विरोध करना और अपने समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाना है।
किसानों पर हमला और हिंसा का सिलसिला
रविवार को भी मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के सनसाबी गांव में कुकी उग्रवादियों और सेना के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 4 महार रेजिमेंट के एक जवान को मामूली चोट आई। बताया गया कि उग्रवादियों ने धान के खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला कर दिया था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने मिलकर उग्रवादियों का मुकाबला किया और करीब 40 मिनट तक गोलीबारी जारी रही।
हाल के दिनों में बढ़ती हिंसा
शुक्रवार और शनिवार को हुई हिंसा में दो नागरिकों की मौत हो गई। जिरीबाम जिले में एक 31 वर्षीय महिला को गोली मार दी गई, जबकि बिष्णुपुर जिले में धान के खेत में काम कर रही एक 34 वर्षीय महिला की जान चली गई। इसके अलावा, शनिवार रात को थमनपोकपी और सनसाबी में भी सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जो रात करीब 9:30 बजे से लेकर रविवार की सुबह 4 बजे तक चली।
राज्य में हिंसा का मौजूदा हाल
मणिपुर में बीते कुछ महीनों से चल रही इस हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच टकराव और सुरक्षा बलों के साथ लगातार मुठभेड़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन को हालात नियंत्रित करने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है।
मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा और समुदायों के बीच बढ़ते टकराव ने राज्य में शांति स्थापित करने की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि निर्दोष नागरिकों की जान की रक्षा की जा सके और राज्य में स्थिरता बहाल हो सके।












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