'लूटे हथियार वापस कर दो', मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच राज्यपाल का 7 दिनों का अल्टीमेटम, दिया ये आश्वासन
Manipur: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। ऐसे में राज्य में जारी अशांति के बीच राज्यपाल अजय भल्ला ने सभी समुदाय के लोगों को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। राज्यपाल ने मैतेई और कुकी सहित राज्य के सभी समुदायों के लोगों से 7 दिनों के भीतर अवैध और लूटे गए हथियार लौटाने की अपील की है।
राज्यपाल ने साफ कहा कि अगर लोग तय समय में हथियार वापस लौटा देते हैं तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन अगर हथियार तय समय के बाद भी किसी के पास मिले, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मणिपुर में हथियार जमा कराने की अपील
मणिपुर के राज्यपाल भल्ला ने कहा, "शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को आगे आना चाहिए। बीते 20 महीनों में मणिपुर के लोग कठिनाइयों से गुजरे हैं। मैं खासतौर पर घाटी और पहाड़ियों के युवाओं से अपील करता हूं कि वे स्वेच्छा से पुलिस थानों, चौकियों या सुरक्षा बलों के शिविरों में हथियार जमा करें।"
कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी-मणिपुर राज्यपाल
मणिपुर में जारी अशांति के बीच राज्यपाल अजय भल्ला ने सभी समुदायों से 7 दिनों के भीतर अवैध और लूटे गए हथियार लौटाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि लोग तय समय में हथियार जमा कर देते हैं तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन अगर हथियार तय समय के बाद भी किसी के पास मिले, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मणिपुर में क्यों लागू हुआ राष्ट्रपति शासन?
कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। मई 2023 से मैतेई समुदाय (जो इम्फाल घाटी में रहता है) और कुकी-ज़ो आदिवासी समूहों (जो पहाड़ी इलाकों में रहते हैं) के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस संघर्ष में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए।












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