मणिपुर: ASP को किडनैप कर ले गए 200 बंदूकधारी, किए गए रेस्क्यू, विरोध में पुलिस कमांडोज ने डाले हथियार
Manipur ASP news, मणिपुर में फैला तनाव कम नहीं हो रहा है। इंफाल पश्चिम के एडिशनल एसपी अमित मोइरांगथेम के अपहरण के विरोध में मणिपुर पुलिस कमांडो ने बुधवार को अपने हथियार डालकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।
मैतेई संगठन अरामबाई तेंगगोल के कैडर के 200 लोगों ने उनके घर से उनका अपहरण किया था। इंफाल ईस्ट की यह घटना मंगलवार शाम करीब 6.20 बजे की है। जिसको लेकर सरकार की आलोचना हो रही है।

हालांकि मणिपुर में मंगलवार को किडनैप हुए एडिशनल एसपी अमित मायेंगबाम को पुलिस और सुरक्षाबल ने छुड़ा लिया है। इस घटना के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए मणिपुर पुलिस कमांडोज ने अपने हथियार डालकर इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसीपी अमित को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है।
इस घटना के बाद एक बार फिर से इंफाल ईस्ट में एक बार फिर तनाव का मौहाल बन गया है। इस बीच स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सेना बुलाई गई है और इलाके में असम राइफल्स की 4 टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अपहरण, कथित तौर पर मैतेई समूह अरामबाई तेंगगोल नामक एक सशस्त्र समूह द्वारा किया गया था।
मंगलवार की शाम मैतेई संगठन के कुछ लोगों ने एएसपी अमित के घर पर हमला कर दिया। इस दौरान सुरक्षा गार्डों और हथियारबंद बदमाश के बीच फायरिंग भी हुई, जिससे चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद मैतेई लोगों ने अमित का अपहरण कर लिया। एडिशनल एसपी और उनके एस्कॉर्ट को क्वाकीथेल कोन्जेंग लीकाई इलाके से रेस्क्यू किया गया था।
पुलिस के बयान में कहा गया है कि 200 हथियारबंद लोगों ने अधिकारी के घर हमला करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित ने कुछ दिन पहले वाहन चोरी के आरोप में मैतेई संगठन अरामबाई तेंगगोल के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जिसे लेकर वह विरोध जता रहे थे।
यह घटना इंफाल घाटी में फिर से तनाव फैल गया है। मणिपुर में पिछले साल 3 मई से जातीय हिंसा देखी जा रही है। जिसमें पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद हुई झड़पों में 180 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।












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