मणिपुर में दो धाराएं क्यों बह रही हैं? एक तरफ शांति की उम्मीद, दूसरी ओर फिर से उपद्रव की आहट
मणिपुर सरकार की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि उसने उन चार पहाड़ी जिला मुख्यालयों से मोबाइल इंटरनेट पर से बैन हटा लिया है, जो जातीय संघर्ष से प्रभावित नही हैं। यह पाबंदी ट्रायल के आधार पर हटाई गई है।
मणिपुर के अधिकारियों ने कहा है कि राज्य सरकार ने उखरूल, सेनापति, चंदेल और तामेंगलोंग जिला मुख्यालयों से ट्रायल के आधार पर इंटरनेट बैन हटाया है। ये सारे जिले नागा-बहुल इलाके हैं।

चार जिला मुख्यालयों में इंटरनेट सेवा बहाल
राज्य सरकार ने यह कदम मणिपुर हाई कोर्ट के निर्देश पर उठाए हैं। उसने कहा था कि जो जिला मुख्यालय जातीय संघर्ष से प्रभावित नहीं हैं, वहां मोबाइल इंटरनेट शुरू करके देखा जाए। अधिकारियों ने बताया है कि यह इंटरनेट सेवाएं चारों पहाड़ी जिला मुख्यालयों में मंगलवार से बहाल की गई हैं।
लगभग 3 मई से ही मोबाइल इंटरनेट पर लगा था प्रतिबंध
उखरूल जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, 'सिर्फ जिला मुख्यालयों में कुछ चुनिंदा मोबाइल टॉवरों का संचालन किया गया है। लेकिन, कनेक्टिविटी कमजोर है। बहाली ट्रायल के आधार पर की जाएगी।' मणिपुर में सितंबर में कुछ दिनों को छोड़कर पिछले 3 मई से ही मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा हुआ है, जब से प्रदेश में जातीय हिंसा भड़की थी।
दो शवों के मिलने से फिर से उपद्रव की आहट
एक ओर जहां राज्य से शांति का संदेश निकलकर आ रहा है, वहीं हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में रह-रहकर अप्रिय घटनाओं का होना थम नहीं रहा है। मसलन, इंफाल वेस्ट जिले में फिर से एक महिला का शव मिला है, जिसपर गोलियों के निशान हैं, तो इंफाल ईस्ट जिले में एक पुरुष का शव बरामद हुआ है, जिसके शरीर पर भी बुलेट के जख्म हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अधेड़ उम्र की महिला के सिर में बुलेट के जख्म हैं और उसका शव बुधवार को बरामद हुआ था। जबकि पुरुष का शव मंगलवार रात को मिला था, जिसकी उम्र 40 साल से अधिक है। पुलिस के अनुसार मृतक की आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी और हाथ पीछे बांधे गए थे। इसके भी सिर में गोली मारी गई है। पुलिस के मुताबिक एफआईआर दर्ज करके इन मामलों की जांच चल रही है।
कुछ समय से हिंसा की घटनाएं अचानक बढ़ी हैं
एक अधिकारी ने कहा है कि मृतक महिला के बारे मे लग रहा है कि वह उन चार बंधकों में शामिल थी, जिन्हें अज्ञात लोगों ने इंफाल वेस्ट जिले में कांगचुप तलहटी से अगवा कर लिया था। मणिपुर में हाल में एक बार फिर से हिंसा की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। मंगलवार को कांगचुप तलहटी में ही अज्ञात लोगों की ओर से हुई गोलीबारी में मणिपुर के दो पुलिसकर्मियों और एक महिला समेत 9 लोगों को गोलियां लगी थी और वे जख्मी हो गए थे।
इससे पहले मणिपुर के एक पुलिस अधिकारी आनंद कुमार पिछले 31 अक्टूबर को इंफाल में उग्रवादियों की ओर से घात लगाकर किए गए हमले में मारे गए थे।
मणिपुर में शांति बहाली पर पूरे देश की नजर है। लेकिन, फिर भी वहां रह-रहकर हिंसा भड़कना सामान्य घटना नहीं है। जबकि, शांति बहाली के सारे जतन हो रहे हैं। 3 मई से भड़की हिंसा में अबतक वहां 180 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। (इनपुट-पीटीआई)
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