मणिपुर हिंसा के बाद आज पहली बार होगा विधानसभा सत्र, पढ़िए 5 बड़े अपडेट
मणिपुर में जिस तरह से मई माह में हिंसा भड़की थी उसमे 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग इसमे घायल हुए हैं। इस हिंसा के बाद मणिपुर विधानसभा का पहला सत्र होने जा रहा है, ऐसे में इस सत्र पर हर किसी की नजर रहेगी। माना जा रहा है कि मणिपुर हिंसा पर इस सत्र के दौरान चर्चा होगी, सदन में भारी हंगामे की भी उम्मीद है।
इससे पहले मणिपुर विधानसभा का सत्र फरवरी-मार्च माह में हुआ था। यह बजट सत्र था, इसके बाद अब सत्र होने जा रहा है। पिछले सत्र के बाद ही प्रदेश में हिंसा भड़क गई थी, जिसकी वजह से मानसून सत्र बुलाने में देरी हुई।

मणिपुर विधानसभा के स्पीकर थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने कहा कि प्रदेश के मौजूदा हालात पर सत्र के दौरान चर्चा होगी। यह एक दिन का सत्र होगा, इस दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा, ना ही कोई प्राइवेट मोशन होगा।
वहीं कूकी-जोमी आदिवासी संगठन ने इस सत्र का बहिष्कार किया है, समुदाय के 10 विधायकों ने सत्र में हिस्सा नहीं लेने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि मैतेई बाहुल्य इंफाल का दौरा करना सुरक्षित नहीं होगा। माना जा रहा है कि नागा विधायक इस सत्र मतें शामिल हो सकते हैं।
कूकी-जोमी सोसाइटी ने राज्यपाल से अपील की है कि वह सत्र को टाल दें, लेकिन सरकार की ओर से किसी भी तरह के विशेष समर्थन से इनकार किया गया है। मणिपुर के मंत्री सपम रंजन सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोई अलग सरकार और प्रशासन नहीं हो सकता है।
सरकार की ओर से पिछले महीने 21 अगस्त को सेशन का सुझाव दिया गया था, लेकिन बाद में इसे 28 अगस्त कर दिया गया क्योंकि राजभवन से इसको लेकर ग्रीन सिग्नल नहीं मिला था। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि 29 अगस्त को सत्र होगा।












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