मणिपुर में जीते JDU के 6 विधायकों को लेकर नीतीश का बड़ा फैसला, दिए बड़े सियासी खेल के संकेत
इम्फाल, 12 मार्च। मणिपुर के लिए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी राज्य में सरकार बना रही है। बीजेपी को राज्य में 32 सीटें मिली हैं। वहीं मणिपुर में नीतीश कुमार की जेडीयू ने बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 6 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके साथ ही जेडीयू तीसरे नंबर की बड़ी पार्टी बन गई है। इसके साथ ही जेडीयू ने राज्य में सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है। आखिर जेडीयू ने बिना मांगे ही ये समर्थन क्यों दिया है इसके पीछे वो 'खेल' है जो कुछ समय पहले बीजेपी ने जेडीयू के साथ खेला था।

अरुणाचल के धोखे से जेडीयू को मिला सबक
मणिपुर की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी को 32 सीटें मिली हैं। यानी बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटी है और यहां पर उसे किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है। फिर भी जेडीयू ने समर्थन का ऐलान किया है। इसकी वजह अरुणाचल प्रदेश में छिपी है जहां पर बीजेपी ने जेडीयू को बड़ी चोट पहुंचाई थी। इस धोखे ने जेडीयू को सबक दे दिया है और अब पार्टी कोई गलती नहीं करना चाहती।

बिहार चुनाव के बाद बीजेपी ने किया था खेल
2020 में बिहार विधानसभा के लिए हुए चुनावों में नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था और सरकार बनाई थी। बिहार चुनाव को कुछ महीने ही बीते थे और दोनों पार्टी सरकार में साथ थीं इसी दौरान बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के साथ बड़ा खेल कर दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव के कुछ महीने बाद ही अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के 6 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए। दरअसल अरुणाचल प्रदेश के लिए 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में जेडीयू को 7 सीटें मिली थीं लेकिन 6 विधायक छोड़ जाने के बाद पार्टी के पास केवल एक ही विधायक रह गया।

नीतीश का बीजेपी के खिलाफ मास्टरस्ट्रोक
अब मणिपुर के नतीजों में जेडीयू को 6 सीटों पर जीत मिली है ऐसे में नीतीश कुमार बीजेपी को किसी तरह का मौका नहीं देना चाहते। यही वजह है कि जेडीयू ने पहले ही बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। ऐसा करके जेडीयू के सामने नैतिक स्थिति तैयार कर दी है जिसमें शायद बीजेपी आगे अरुणाचल जैसा कदम नहीं उठा सकेगी। खासतौर पर जेडीयू एनडीए गठबंधन का हिस्सा है और बिहार में दोनों दल गठबंधन की सरकार चला रहे हैं।












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