Manipur Drone Attack: मणिपुर के 'आतंकियों' को कौन दे रहा है ड्रोन हमले की ट्रेनिंग? इंफाल से दिल्ली तक हड़कंप

Manipur Drone Attack news: मणिपुर में पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से रिहायशी इलाकों और सुरक्षा बलों पर बम गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है, उसने इंफाल से लेकर दिल्ली तक, सुरक्षा एजेंसियों से लेकर सरकार तक को चिंता में डाल दिया है। शायद देश में यह पहला मामला है, जिसमें अपने ही देश के उग्रवादियों ने देश की जनता और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए इस तरह के हमले का सहारा लिया है।

पिछले तीन-चार दिनों में मणिपुर में ड्रोन के इस्तेमाल से बम गिराने जैसी घटनाओं में कम से कम दो नागरिकों की मौत हुई है और आम जनता समेत सुरक्षा बलों के कई जवान जख्मी हुए हैं। ड्रोन से बम गिराने की घटना के बारे में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा है, 'नागरिक आबादी और सुरक्षा बलों पर बम गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल आतंकवाद की कार्रवाई है।'

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ड्रोन हमलों से मणिपुर में बढ़ी दहशत
मणिपुर में पिछले 16 महीनों से जातीय संघर्ष चल रहा है। इन वारदातों में 225 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग जख्मी हुए हैं। आज की तारीख में हजारों लोगों को हिंसक वारदातों की वजह से पलायन करना पड़ा है।

राज्य में आज की तारीख में करीब 60,000 केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं। इसके बावजूद जिस तरह से कथित रूप से कुकी आतंकियों ने ड्रोन से बम गिराने शुरू किए हैं, वह बहुत ही मुश्किल हालात और भयानक खतरे के संकेत हैं।

मणिपुर में ड्रोन हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की भी बढ़ाई चिंता
हालात इतने चिंताजनक बताए जा रहे हैं कि टीओआई ने मणिपुर के डीजीपी राजीव सिंह के हवाले से बताया है कि इन आतंकियों की कार्य प्रणाली (modus operandi) और इनकी ओर से इस्तेमाल की जा रही ड्रोन तकनीक की पड़ताल करने के लिए आर्मी, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है।

कुकी आतंकियों के पास ड्रोन हमले की तकनीक कहां से आई?
मणिपुर के कुकी आतंकियों के पास इतनी हाईटेक तकनीक कहां से आई और वे इसमें कैसे पारंगत हुए, इनकी सूक्ष्म जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को भी बुला लिया गया है। डीजीपी ने कहा, '(ड्रोन हमले से) इससे संघर्ष में एक और आयाम जुड़ गया है। हमने एनएसजी के डायरेक्टर जनरल और उनकी टीम से बात की है। एक्सपर्ट यहां पहुंच रहे हैं। हमारे पास कुछ काउंटर-मेजर्स हैं, जिसे हम लागू करेंगे।'

रोटर फिटेड क्वाडकॉप्टर का मणिपुर आतंकी कर रहे इस्तेमाल!
बताया जा रहा है कि मणिपुर में आतंकियों ने जो ड्रोन इस्तेमाल किए हैं, वे रोटर फिटेड क्वाडकॉप्टर हैं। इन्हें ऐसे यूएवी के रूप में जाना जाता है, जो अक्सर फोटोग्राफी और शौकिया उड़ानों के लिए खरीदे जाते हैं।

मणिपुर के कुकी आतंकियों को कौन दे रहा है ड्रोन से बम हमले की ट्रेनिंग?
एक अधिकारी का कहना है, 'ऐसे ड्रोन ग्रेनेड समेत अन्य विस्फोटक गिरा सकते हैं और उसमें विस्फोट भी करा सकते हैं और 250 किलोमीटर तक की अधिकतम स्पीड से उड़ सकते हैं।' 'लेकिन, हॉबी वाले ड्रोन में हथियार फिट करने और इसे शौकिया उड़ानों की जगह अन्य कार्यों के लिए उड़ाने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत है। ये तथ्य कि आतंकवादी ऐसा करने में सक्षम हैं, यह चिंताजनक है।'

एक और अधिकारी के मुताबिक, 'पूर्वोत्तर के इलाके में गैर-कानूनी हथियारों और नशीले पदार्थों की भरमार है, हर तरह के बम बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें ड्रोन पर फिट करना एक अलग बात है।'

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