Manipur News: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दिया इस्तीफा , हाईअलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
Manipur News: मणिपुर में हाल ही में राजनीतिक स्थिति में भारी बदलाव आया है, जब मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। वह थोड़ी देर पहले ही बीजेपी सांसद संबित पात्रा, मणिपुर सरकार के मंत्री और विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे। इससे पहले, बीरेन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी।
बीरेन सिंह ने विधानसभा में पेश होने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही सीएम पद से इस्तीफा दिया। लंबे समय से बीजेपी विधायकों में उनके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। मणिपुर के 19 बीजेपी विधायकों ने पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बीरेन सिंह को सीएम पद से हटाने की मांग की थी।

विरोध और हिंसा की बढ़ती स्थिति
बीरेन सिंह को जातीय हिंसा के कारण विपक्ष के निशाने पर भी लिया गया। कुकी संगठन उन पर मैइई समुदाय का पक्ष लेने का आरोप लगा रहे थे। मणिपुर में पिछले कुछ समय से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा चल रही है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
राज्य में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भूमि, आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें एसटी श्रेणी में शामिल किया जाए, जबकि कुकी समुदाय इसका विरोध कर रहा है।
मणिपुर में कब कब भड़की हिंसा ?
2025 में मणिपुर में स्थिति और भी खराब हुई है, और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। जनवरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि मणिपुर में किसी भी राजनीतिक वार्ता को शुरू करने के लिए हिंसा को खत्म करना जरूरी है। बीरेन सिंह ने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए थे, लेकिन हिंसा में कमी नहीं आई।
- - 17 जनवरी, 2025:केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुकी-जो परिषद से हिंसा समाप्त करने की अपील की।
- - 8 फरवरी, 2025: बीरेन सिंह ने मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों की बात की।
- - 9 फरवरी, 2025:एन. बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया।
2023-2024 की घटनाएँ
2023 में मणिपुर में कई प्रमुख घटनाएँ हुईं, जिनमें मणिपुर के विभिन्न जिलों में हिंसा, धारा 144 लागू करना, और बड़ी रैलियों का आयोजन शामिल था। 3 मई, 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की, जिससे सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए।
2022-2023 की घटनाएँ
मणिपुर सरकार ने 2022-2023 में कई विवादित निर्णय लिए, जिसमें कुकी उग्रवादी समूहों से ऑपरेशन समझौते को रद्द करना और मैतेई को एसटी में शामिल करने की मांग पर विचार शामिल था। मणिपुर की वर्तमान स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, और सरकार अब शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
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