सीक्रेट रास्ते, विंटेज शराब और हाई-टेक बंगला: रोहन सल्दांहा की लग्जरी ठगी का भंडाफोड़, देशभर में फैला जाल
Rohan Saldanha scam: कहते हैं अपराधी का सबसे बड़ा हथियार उसका विश्वास होता है। और जब वही अपराधी लाखों-करोड़ों की दुनिया का स्वामी बनने का दावा करे, तो शिकार को यकीन करना मुश्किल नहीं होता। ऐसा ही कुछ चौंकाने वाला मामला सामने आया है कर्नाटक के मंगलुरु से, जहाँ पुलिस ने आधी रात को एक हाई-प्रोफाइल ठग को धर दबोचा।
रोहन सल्दांहा ने न सिर्फ अपनी चमक-धमक से लोगों को चकाचौंध किया, बल्कि देश के कई अमीर और प्रभावशाली लोगों के साथ करोड़ों का फ्रॉज भी किया।

रोहन सल्दांहा - नाम जितना आम, ठगने का तरीका उतना ही असाधारण। मंगलुरु के जेपिनामोगारू इलाके का, लेकिन अंदाज किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं। उसके बंगले में बने सिक्रेट रास्ते, अंडरग्राउंड चेंबर और महंगी चीजों का कलेक्शन और विंटेज शराब की अलमारियाँ सिर्फ उसकी जिंदगी की विलासिता नहीं, बल्कि उसकी धोखाधड़ी की स्क्रिप्ट का हिस्सा थे।
Mangaluru Scam का पुलिस ने ऐसे किया भांडा फोड़
मंगलुरु पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी और एसीपी रविश नायक की टीम ने जब रात के समय रोहन साल्दान्हा के शानदार बंगले पर छापा मारा, तो अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। घर में हर तरफ हाई-टेक कैमरे, गुप्त रास्ते और ऐसी चीजें थीं, जो साफ दिखा रही थीं कि यह जगह लोगों को ठगने की प्लानिंग के लिए बनाई गई थी।
रोहन खुद को एक ऐसा बड़ा बिजनेसमैन बताता था, जिसके राजनेताओं और बड़े-बड़े लोगों से सीधे रिश्ते हैं। इसी बात पर भरोसा करके कई अमीर लोग उसके झांसे में आ गए। लेकिन जब उसके खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगीं, तो पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे उसकी सच्चाई सामने आने लगी। उसके बैंक खातों से करोड़ों की लेन-देन हुई थी, उसका बंगला किसी महल से कम नहीं था, और वह बहुत चालाकी से लोगों को धोखा देता था। अब उसे देश के सबसे शातिर ठगों में गिना जा रहा है।
ठगी का तरीका देख पुलिस के उड़े होश
पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहन (Rohan Saldanha) ने अपने पीड़ितों से ₹50 लाख से ₹4 करोड़ तक की एडवांस रकम 'प्रोसेसिंग फीस', 'लीगल क्लीयरेंस' और 'डील लॉक' करने के नाम पर वसूली। एक बार पैसा मिल जाने के बाद वह या तो गायब हो जाता या बातचीत बंद कर देता।
एक बैंक खाते में सिर्फ तीन महीनों में ₹40 करोड़ से ज़्यादा के लेन-देन हुए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह स्कैम जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज़्यादा बड़ा और संगठित हो सकता है। पुलिस जब रोहन साल्दान्हा के आलीशान बंगले में दाखिल हुई तो जो नजारा सामने आया वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था।
गुप्त तहखाने और दरवाज़े: बंगले में कई ऐसे सीक्रेट रूट्स, हिडन चैंबर्स और गुप्त दरवाजे थे जिनके जरिए वह किसी भी रेड से पहले फरार हो सकता था।
महंगे पौधे और शराब का कलेक्शन: घर में लाखों की कीमत के दुर्लभ पौधे और विंटेज शराब की बोतलों का कलेक्शन मिला, जिन्हें वह अपने शिकारों को इंप्रेस करने के लिए इस्तेमाल करता था।
हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम: पूरे घर में एक सुसज्जित निगरानी प्रणाली लगी हुई थी जिससे वह घर में आने-जाने वालों पर पूरी तरह नजर रखता था और किसी भी अनचाहे व्यक्ति को पहले से पहचान लेता था।
बड़ी फाइनेंशियल लॉबी का था दावा, अब मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
रोहन अपने क्लाइंट्स को यह भरोसा देता था कि उसके पास ऐसे 'स्रोत' हैं जो ₹600 करोड़ तक के लोन को मंजूरी दिलवा सकते हैं। यही बात उसके झांसे को और ज़्यादा विश्वसनीय बनाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:
- उसकी संपत्ति की असली उत्पत्ति क्या है?
- क्या उसने मनी लॉन्ड्रिंग की है?
- कहीं यह कोई बड़ी वित्तीय ठगी की श्रृंखला का हिस्सा तो नहीं?
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के अनुसार,"ये मामला सिर्फ व्यक्तिगत ठगी का नहीं, बल्कि सुनियोजित आर्थिक अपराध का है। आरोपी का लाइफस्टाइल, ठगी की योजना और मिली संपत्ति से यह स्पष्ट है कि यह कोई छोटा स्कैम नहीं है। हम उसके नेटवर्क, मनी ट्रेल और विदेश से संभावित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं।"
रोहन साल्दान्हा का मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि किस तरह 'रुतबे' और 'रिश्तों' की आड़ में करोड़ों की ठगी की जा सकती है। पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा गिरोह बेनकाब हुआ है, लेकिन अब जांच इस बात की है कि कहीं यह सिर्फ़ 'एक व्यक्ति' का खेल नहीं, बल्कि एक संगठित ठगी नेटवर्क की परतें तो नहीं? जांच जारी है, और पुलिस ने इस मामले में आम जनता से भी सतर्क रहने और ऐसे किसी झांसे में न आने की अपील की है।












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