पेट निकलवाने से पहले मरीज ने की चिकन बिरयानी की डिमांड, उसके बाद हुई सर्जरी
अपना पेट निकलवाने से पहले दुबई के एक इंजीनियर ने बिरयानी खाने की आखिरी ख्वाहिश जताई। दुबई के एक इंजीनियर गुलाम अब्बास पेट के कैंसर से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि सर्जरी के जरिये पेट निकलवाने के अलावा उनके पास कोई और दूसरा ऑप्शन नहीं है।

नई दिल्ली। अपना पेट निकलवाने से पहले दुबई के एक इंजीनियर ने बिरयानी खाने की आखिरी ख्वाहिश जताई। दुबई के एक इंजीनियर गुलाम अब्बास पेट के कैंसर से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि सर्जरी के जरिये पेट निकलवाने के अलावा उनके पास कोई और दूसरा ऑप्शन नहीं है। डॉक्टरों ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनकी जान भी जा सकती है। ऐसे में गुलाम अब्बास के पास कोई चारा नहीं बचा। उन्होंने अपना पेट निकलवाने का फैसला लिया, लेकिन उससे पहले वो एक बार चिकन बिरयानी खाना चाहते थे।

कैंसर के कारण निकलवाना पड़ा पेट
दुबई में रहने वाले इंजीनियर घुलाम अब्बास को कुछ वक्त पहले ही पेट के कैंसर के बारे में पता चला। वजन काफी कम होने और उल्टियों के बाद जब उन्होंने डॉक्टर को दिखाया, तो मालूम चला कि वो पेट के कैंसर की स्टेज तीन से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने अब्बास को पेट निकलवाने के लिए कहा, नहीं तो कैंसर से उनकी जान भी जा सकती थी। अब्बास किसी भी कीमत पर अपनी जान बचाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पेट निकलवाने का फैसला लिया।

पत्नी ने बनाकर भेजी चिकन बिरयानी
लेकिन पेट निकलवाने से पहले अब्बास की एक आखिरी ख्वाहिश थी। वो अपना मनपसंद खाना चिकन बिरयानी खाना चाहते थे। अब्बास की इस आखिरी ख्वाहिश को डॉक्टरों ने भी मान लिया। खलीज टाइम्स के मुताबिक अब्बास की पत्नी ने चिकन बिरयानी बनाई और उनका भाई उसे अस्पताल लेकर आया। अब्बास ने कहा, 'मैं उसपर टूट पड़ा।' अब्बास के दो बच्चे हैं, एक डेढ़ साल का बेटा और 6 साल की बेटी। उन्होंने कहा, 'मुझे अपनी जिंदगी बचाने के लिए जो भी करना होता, मैं करता।'

बिना पेट के कैसे चलेगा काम, पढ़िए
'मैं अपने बच्चों को अपने बिना पलते हुए नहीं देखना चाहता। मैं अपने परिवार को नहीं खो सकता था। मैं जीना चाहता था।' सर्जरी के बाद अब्बास का पेट निकाल दिया गया है। पेट के बिना वो खाना तो खा सकते हैं, लेकिन एक आम इंसान की तरह नहीं। अब्बास को अब छोटी-छोटी मील्स लेनी होगी और वो ज्यादा तीखा खाना नहीं खा सकते। डॉक्टर के अनुसार शरीर बिना पेट के भी खाना पचाने में सक्षम होता है। ऐसे में खाना सीधे oesophagus से small intestine में पहुंचता है।












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