PM किसान और आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने को तैयार ममता सरकार, लेकिन रखी ये शर्त
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आयुष्मान भारत और पीएम किसान सम्मान निधि योजनाओं को राज्य में सशर्त लागू करने पर राजी हो गई हैं। सीएम ममता ने मोदी सरकार से कहा कि वह इन योजनाओं में तभी शामिल होंगी जब इसमें केंद्र के माध्यम से खर्च की जाने वाली राशि राज्य सरकार के जरिए खर्च हो। बता दें कि केंद्रीय योजनाओं को लागू नहीं करने को लेकर भाजपा नेतृत्व की लगातार तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करती रही है।

ममता सरकार ने केंद्र के सामने शर्त रखी है कि योजनाओं के लाभार्थियों को मिलने वाली राशि डायरेक्ट उनके खाते में भेजने की बजाए राज्य सरकार की मशीनरी की सहायता से आवंटित किए जाएं। इस संबंध में सीएम ममता बनर्जी ने 9 सितंबर, 2020 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री को एक खत भी लिखा था, दो सप्ताह बाद अब इसका खुलासा हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में सीएम ममता ने कहा, कई मौकों पर आरोप लगे हैं कि बंगाल सरकार केंद्र की पीएम किसान सम्मान निधि योजना को बंगाल में लागू नहीं कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, 'इस सिलसिले में मैं आपको अवगत करना चाहूंगी कि राज्य सरकार ने पहले ही किसानों को वित्तीय सहायता देने के लिए कृषक बंधु योजना को लागू किया है। इस योजन के तहत छोटी से छोटी जमीन वाले किसान को सरकार की तरफ से पांच हजार रुपए की सहायता राशि मिलती है। जबकि 18 से 60 साल की उम्र में किसान का निधन होने पर उसे हमारी सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है। राज्य के 73 लाख से अधिक किसान इस योजना से जुड़े हैं।' सीएम ने आगे लिखा, प. बंगाल सरकार को राज्य के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने में खुशी होगी लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार को जरूरी फंड सीधे राज्य सरकार को जारी करना होगा। राज्य सरकार उस राशि को किसानों के बीच वितरित करेगी।












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