बांग्लादेश के संकट पर बोली ममता बनर्जी, कहा-'असहाय लोग बंगाल के दरवाजे पर दस्तक देंगे तो हम उन्हें शरण देंगे'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार बांग्लादेश में हिंसा से भाग रहे लोगों को शरण देगी। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं बांग्लादेश के बारे में कुछ नहीं बोल सकती। क्योंकि वह एक अलग देश है। उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार इस बारे में बात करेगी। लेकिन अगर असहाय लोग बांग्लादेश से बंगाल के दरवाजे पर दस्तक देते हैं तो हम उन्हें शरण देंगे। संयुक्त राष्ट्र का एक प्रस्ताव है। पड़ोसी शरणार्थियों का सम्मान करेंगे।
भारी बारिश के बीच कोलकाता में आयोजित विशाल शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में अशांति में फंसे बंगाल के निवासियों को सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मैं उन बंगाल निवासियों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देती हूं। जिनके रिश्तेदार हिंसाग्रस्त बांग्लादेश में फंसे हुए हैं।

सरकारी नौकरियों के आवंटन को लेकर हुई हिंसक झड़पों के बाद बांग्लादेश में सख्त कर्फ्यू लगा दिया गया है और सेना के जवान ढाका के कई हिस्सों में गश्त कर रहे हैं। इन झड़पों में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग घायल हो हुए हैं।
ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि आपने यूपी में जो खेल खेला, उससे बीजेपी सरकार को इस्तीफा देना चाहिए था। लेकिन बेशर्म सरकार एजेंसियों और अन्य साधनों का दुरुपयोग करके सत्ता में बनी हुई है।
रैली में बोलते हुए सपा नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के बारे में ममता बनर्जी की भावनाओं को दोहराया है। सपा नेता अखिलेश यादव कहा कि बंगाल के लोगों ने भाजपा से लड़ाई की और उन्हें पीछे छोड़ दिया। उत्तर प्रदेश में भी यही हुआ। अखिल यादव ने कहा कि दिल्ली में सरकार में बैठे लोग कुछ दिनों के लिए ही सत्ता में हैं। वो सरकार चलने वाली नहीं है। वो सरकार गिरने वाली है।
ममता बनर्जी ने विश्वास जताया कि मौजूदा केंद्र सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी। यह एक स्थिर सरकार नहीं है और जल्द ही गिर जाएगी।
रैली के दौरान केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ विपक्षी नेताओं के बीच एकजुटता सामने आई। शरणार्थी सहायता और राजनीतिक अस्थिरता जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा की गई।











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