भाजपा से निपटने का ममता बनर्जी ने निकाला नया फॉर्मूला
भाजपा से निपटने के लिए ममता बनर्जी बना रही हैं नई रणनीति, चिट फंड के आरोपी नेता को बुलाया पार्टी की बैठक में।
कोलकाता। जिस तरह से भाजपा लगातार एक के बाद एक जीत हासिल रही है उससे निपटने के लिए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। कोलकाता स्थित कालीघाट में ममता के आवास पर पार्टी की बैठक हुई जिसमें प्रदेश के पूर्व परिवहन मंत्री मदन मित्रा ने हिस्सा लिया जोकि सारदा चिट फंड केस में आरोपी हैं और कुछ महीने ही पहले जमानत पर बाहर आए हैं।

ममता बनर्जी के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि वह भाजपा को उन्ही मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है जिनको लेकर पार्टी ममता बनर्जी पर निशाना साधती है। ममता बनर्जी ने पिछले हफ्ते ही इस बात की घोषणा की थी कि अगर भाजपा बंगाल को अपना लक्ष्य बनाती है तो हम भी भारत को अपना लक्ष्य बनाएँगे, यह मेरी चुनौती है। पार्टी की बैठक की अध्यक्षता ममता बनर्जी ने की थी और उन्होंने पार्टी की पैठ को बंगाल से बाहर बढ़ाने की बात कही थी, जहां स्थानीय दल कमजोर हैं।
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टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि हमारे उपर दूसरे राज्यों के लोगों के साथ खड़े होने की जिम्मेदारी है, जिसमें ओडिशा और त्रिपुरा भी शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी की पार्टी भाजपा के लिए चुनौती खड़ी करना चाहती है, वह भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ अपना अभियान शुरु करना चाहती है। पार्टी ने पूर्व कांग्रेस नेता निर्बेद रॉय को पूरे प्रदेश में भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ बुकलेट और पर्चे बंटवाने का जिम्मा सौंपा है। चटर्जी ने कहा कि हम इस बात पर भी नजर बनाए हुए हैं कि कैसे भाजपा पूरे बंगाल में सांप्रदायिकता का जहर घोल रही है। पार्टी के नेताओं ने पीपीएफ पर ब्याज दर की कटौती का विरोध किया है जिसे हाल ही में केंद्र सरकार ने किया है। चटर्जी ने कहा कि भाजपा चिट फंड के पीछे पड़ी है लेकिन वह सेवानिवृत्त लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है जो अपनी छोटी-छोटी बचत पर ही आश्रित हैं।












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