बंगाल: CM ममता की चोट को TMC ने बनाया चुनावी मुद्दा, शुक्रवार को कार्यकर्ता मुंह पर बांधेंगे काली पट्टी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में बुधवार का दिन काफी गहमागहमी भरा रहा, जहां नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के पैर में चोट लग गई। टीएमसी ने इसे हमला बताते हुए केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही इसको टीएमसी ने बड़ा राजनीतिक मुद्दा मान लिया, जबकि बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दल इसे पॉलिटिकल ड्रामा कह रहे हैं।

Recommended Video
मामले में बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक टीएमसी के कार्यकर्ता काले झंडे उठाएंगे। साथ ही मौन विरोध के लिए मुंह को काली पट्टियों से ढकेंगे। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि हमने देखा है कि कैसे चुनाव आयोग द्वारा बंगाल की अनदेखी की जा रही है। बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हो रहे, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिर्फ एक ही चरण है। इसके अलावा असम में भी सिर्फ तीन चरण में चुनाव रखा गया है।
वहीं PWD मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वाहन के लोहे के खंभे से टकराने के बाद हादसा हुआ। अगर ऐसा होता तो वाहन पर खरोंच के निशान होते, लेकिन ऐसा नहीं है। उनके मुताबिक सीएम फुटबोर्ड पर खड़ी थीं, तभी उनको धक्का दिया गया। जिसकी जांच की मांग वो कर रहे हैं। इसके अलावा सौगत रॉय के नेतृत्व में टीएमसी सांसद शुक्रवार को चुनाव आयोग जाएंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। मंत्री के मुताबिक बीजेपी के एक सांसद ने कहा था कि 10 तारीख का इंतजार कीजिए और फिर देखिए। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) और DG को उनके पदों से हटा दिया गया। ममता की रैली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए कोई पुलिस अधिकारी नहीं था।












Click it and Unblock the Notifications