Mamata Banerjee Speech: ममता बनर्जी के भाषण पर चुनाव आयोग का डंडा! चुनाव आयोग ने CEO से मांगी सीक्रेट रिपोर्ट
Mamata Banerjee Naxalbari Speech: चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नक्सलबाड़ी में दिए गए भाषण पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग का आरोप है कि नंदाप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान सीएम ने कथित तौर पर सुरक्षा बलों, विशेषकर CRPF कर्मियों के खिलाफ उकसावे वाली टिप्पणी की।
वीडियो फुटेज के आधार पर कहा गया है कि उन्होंने महिलाओं से पोलिंग बूथ पर जुटने और जरूरत पड़ने पर घरेलू रसोई के सामान का उपयोग करने की बात कही, जिसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जा रहा है।

भाषण का मुख्य विवाद और आरोप
चुनाव आयोग के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह बयान सुरक्षा बलों के मनोबल और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। वीडियो में कथित तौर पर सीएम महिलाओं को संबोधित करते हुए कह रही हैं कि वे मतदान केंद्रों पर मुस्तैद रहें और किसी भी प्रतिकूल स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। आयोग इसे केंद्रीय बलों को सीधे तौर पर दी गई एक चुनौती और हिंसा को बढ़ावा देने वाले संकेत के रूप में देख रहा है, जिससे चुनावी माहौल बिगड़ने की आशंका जताई गई है।
ये भी पढ़ें: Bengal Election 2026: ममता की कुर्सी या BJP का राज? SIR, RG Kar-मतुआ समेत ये 5 फैक्टर्स पलटेंगे बंगाल की बाजी
महिलाओं को घरेलू सामान का आह्वान
ममता बनर्जी ने अपनी सभा में स्थानीय महिलाओं और युवतियों से अपील की कि वे डरें नहीं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि आवश्यक हो, तो वे रसोई के बर्तनों या अन्य घरेलू उपकरणों का सहारा लेकर स्थितियों का सामना करें। विपक्षी दलों ने इस बयान को 'सशस्त्र विद्रोह' के उकसावे के रूप में पेश किया है, जबकि टीएमसी समर्थकों का कहना है कि यह केवल आत्मरक्षा और लोकतांत्रिक जागरूकता का एक प्रतीकात्मक संदेश था।
ये भी पढे़ं: Bengal Chunav में बड़ा दांव! RG Kar पीड़िता की मां को टिकट दे सकती है BJP, ममता के गढ़ में भावनात्मक मुकाबला?
CEO से रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के CEO को निर्देश दिया है कि वे इस भाषण की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच करें और एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपें। इस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि क्या मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा या उन पर चुनावी रैलियों में बोलने का प्रतिबंध लगाया जाएगा। बंगाल चुनाव के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, चुनाव आयोग सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी तरह की बयानबाजी पर कड़ी नजर रख रहा है।












Click it and Unblock the Notifications