ममता बनर्जी के हाथ में ग्रीन फाइल में क्या? डॉक्यूमेंट में सीक्रेट जानकारी? ED रेड के बीच चर्चा में दस्तावेज
Mamata Banerjee ED Raid I-PAC: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। कोलकाता में 08 जनवरी सुबह जो कुछ हुआ, उसने सियासी हलकों से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया। प्रवर्तन निदेशालय(ED) की छापेमारी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौके पर एंट्री, हाथों में पकड़ी ग्रीन फाइल और फिर उन डॉक्यूमेंट्स को तुरंत कार में रखवाया जाना। यही वो तस्वीरें हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को हाई वोल्टेज ड्रामा बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ममता बनर्जी के हाथों में दिखी ये ग्रीन फाइल क्या है। इन दस्तावेजों में ऐसी कौन सी संवेदनशील जानकारी है, जिसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इतनी बेचैन दिखीं और जिसे आनन-फानन में कार के अंदर सुरक्षित रखवाया गया।

🔵 ED की रेड और शुरू हुआ सियासी तूफान
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ईडी ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह रेड सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के सीनियर अधिकारी प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक के सेक्टर V स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के ऑफिस पर हुई। जैसे ही यह खबर फैली, बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई।
कुछ ही देर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं। उनके पहुंचते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया। टीएमसी नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी और बिधाननगर पुलिस कमिश्नर को भी हालात संभालने के लिए मौके पर आना पड़ा।
🔵 ममता का आरोप, पार्टी का डेटा चुराने की कोशिश
ममता बनर्जी ने ईडी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी के अधिकारी I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर सर्च ऑपरेशन के दौरान तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और आंतरिक दस्तावेज जब्त करने की कोशिश कर रहे थे।
मुख्यमंत्री का कहना था कि ये छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईडी का काम राजनीतिक दलों की उम्मीदवारों की सूची, पार्टी की रणनीति और चुनावी योजनाएं इकट्ठा करना है।
🔵 ग्रीन फाइल में क्या है, यही बना सबसे बड़ा रहस्य
इसी दौरान कैमरों में वह पल कैद हुआ, जब ममता बनर्जी कुछ फाइलें हाथ में लेकर नजर आईं। बताया गया कि ये फाइलें बाद में उनके काफिले की गाड़ी में रखवाई गईं। इन फाइलों का रंग हरा होने के कारण यह 'ग्रीन फाइल' चर्चा का केंद्र बन गई।
इन दस्तावेजों में आखिर क्या है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। खुद ममता बनर्जी ने कहा कि इन फाइलों में पार्टी की आंतरिक रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और चुनाव से जुड़े अहम कागजात हो सकते हैं। उनका दावा है कि इन्हें बचाने के लिए ही तुरंत कार में रखवाया गया।
🔵 'नॉटी होम मिनिस्टर' वाला बयान और अमित शाह पर हमला
ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई 'नॉटी होम मिनिस्टर' के इशारे पर हो रही है। उनका आरोप था कि अमित शाह टीएमसी के उम्मीदवारों की लिस्ट और पार्टी की रणनीति हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ SIR नोटिस के नाम पर लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियां पार्टी के दस्तावेज इकट्ठा कर रही हैं। ममता ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।
🔵 ED क्या कह रही है, जांच की असली वजह क्या है?
सूत्रों के मुताबिक, ईडी यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत कर रही है। एजेंसी का दावा है कि कोयला पिलफरेज से निकला काला धन गोवा भेजा गया और 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में टीएमसी के अभियान के लिए I-PAC को दिया गया।
ईडी का कहना है कि यह छापेमारी सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि छह राज्यों में करीब 15 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई चल रही है। हालांकि, रिपोर्ट लिखे जाने तक ईडी या I-PAC की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
🔵 I-PAC, प्रतीक जैन और टीएमसी का कनेक्शन
I-PAC देश की जानी-मानी पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है, जिसकी स्थापना प्रशांत किशोर ने की थी। 2019 के बाद से I-PAC तृणमूल कांग्रेस के साथ काम कर रही है और 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की बड़ी जीत का श्रेय भी इसी फर्म को दिया जाता है।
प्रशांत किशोर के राजनीति में सक्रिय होने के बाद I-PAC की कमान ऋषि राज सिंह, विनेश चंदेल और प्रतीक जैन के हाथों में आई। प्रतीक जैन IIT बॉम्बे के स्कॉलर हैं और चुनावी रणनीति के बड़े नाम माने जाते हैं।
🔵 ममता का ऐलान, 'हिसाब खुद करूंगी'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कहा कि वह प्रतीक जैन के आने तक मौके पर ही बैठेंगी और उनके साथ मिलकर यह मिलान करेंगी कि ईडी कौन-कौन सी फाइलें ले गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पार्टी से जुड़े चुनावी और फाइनेंस से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए, तो यह गंभीर अपराध होगा।
ममता ने यह भी ऐलान किया कि ईडी की कार्रवाई के खिलाफ टीएमसी पूरे बंगाल में प्रदर्शन करेगी। उनका कहना था कि केंद्रीय एजेंसियों के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश लोकतंत्र की हत्या है।
🔵 आगे क्या, बढ़ेगा सियासी संग्राम
ग्रीन फाइल का रहस्य फिलहाल बरकरार है। इन दस्तावेजों में क्या है, इसका खुलासा शायद टीएमसी या ईडी के अगले बयान से ही हो पाएगा। लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने 2026 के बंगाल चुनाव से पहले सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। ED की जांच, ममता बनर्जी के आरोप और विपक्ष के पलटवार के बीच आने वाले दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े धमाकों के संकेत दे रहे हैं।












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