मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिशन इंद्रधनुष को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा-'पीएम केयर केवल दिखावे के लिए'
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम में टीकाकरण की सफलता पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि पीएम केयर केवल दिखावे के लिए है। इसे गंभीर पाप करार देते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि 2023 में 16 लाख बच्चों को डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस और खसरे के टीके नहीं दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड के दौरान अनाथ हुए बच्चों की सहायता के लिए लगभग आधे आवेदन पीएम केयर फंड द्वारा बिना कोई कारण बताएं खारिज कर दिए गए।

मिशन इंद्रधनुष केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में टीकाकरण अभियान है। इसकी शुरुआत 2014 में की गई। यह योजना सुनिश्चित करती है कि नियमित टीकाकरण सेवाएं उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचे। जो पहले टीकाकरण कार्यक्रमों से चूक गए थे या बाहर हो गए थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कांग्रेस पार्टी द्वारा रखी गई टीकाकरण में भारत की मजबूत नींव को बर्बाद कर रही है।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार ने लाखों बच्चों का टीकाकरण ना करके बहुत बड़ा पाप किया है। टीकाकरण की उपेक्षा का मतलब है। बहुमूल्य जीवन की हानि। कांग्रेस पार्टी द्वारा टीकाकरण में भारत की मजबूत नींव के लाभ को मोदी सरकार ने बेशर्मी से बर्बाद कर दिया है। क्योंकि 16 लाख बच्चों को 2023 में डिप्थीरिया, टेटनेस, पर्टुसिस और खसरे के टीके नहीं दिए गए हैं। जिससे 2022 में मिलने वाले लाभ खत्म हो गए हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्टों द्वारा उजागर की गई कोविड अनाथ बच्चों के प्रति घोर उदासीनता और घोर तिरस्कार से पता चलता है कि ऐसे बच्चों की सहायता के लिए लगभग 50 प्रतिशत आवेदन पीएम केयर फंड द्वारा बिना कोई कारण बताएं खारिज कर दिए गए। प्रधानमंत्री जी अगर हमारे बच्चों की देखभाल नहीं की जाएगी तो हम विकसित भारत कैसे सुनिश्चित करेंगे। वास्तव में पीएम केयर केवल दिखाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि 1985 में शुरू किया गया भारत का टीकाकरण कार्यक्रम अपने आप में दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इसके तहत सालाना 2.7 करोड़ बच्चों के जन्म समूह की जरूरत को पूरा करता है। मिशन इंद्रधनुष को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2014 को शुरू किया था।
इस योजना का उद्देश्य उन सभी बच्चों को कवर करना है। जो या तो टीकाकरण नहीं करवा पाए या जिन्हें टीके से रोके जा सकने वाली बीमारियों के खिलाफ आंशिक रूप से टीका लगाया गया है। भारत का सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम सालाना 26 मिलियन बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों के खिलाफ मुक्त टीके प्रदान करता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत देशभर के सभी बच्चों को टीबी, डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, निमोनिया, हिमोफिलस, इनफ्लुएंजा टाइप बी के कारण होने वाले मेनिनजाइटिस, खसरा, रूबेला, जापानी एन्सेफेलाइटिस और रोटावायरस डायरिया से बचाने के लिए जीवन रक्षक टीके निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।












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