मेरी तुलना शशि थरूर से ना हो, जब मैं ब्लॉक प्रेसिडेंट था तो वह इस दुनिया में भी नहीं थे: मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में पार्टी के दो दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर आमने सामने हैं। एक तरफ जहां मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लग रहे हैं कि वह गांधी परिवार के करीबी हैं और अगर वह चुनाव जीतते हैं तो रिमोट कंट्रोल की तरह काम करेंगे, तो दूसरी तरफ शशि थरूर को अशोक गहलोत एलीट क्लब यानि संभ्रांत वर्ग का बता चुके हैं। लिहाजा इस चुनाव में कौन जीत दर्ज करेगा यह दिलचस्प है। हालांकि कई पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ दिखावे का है और मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर मुहर पहली ही लग चुका है।

मेरी किसी से तुलना ठीक नहीं
मल्लिकार्जुन खड़गे से जब इंडिया टुडे के इंटरव्यू के दौरान पूछा गया क्या वह शशि थरूर से बहेतर उम्मीदवार हैं। एक तरफ जहां शशि थरूर युवा हैं और लोगों के बीच उनकी अच्छी लोकप्रियता है, सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं, ऐसे में क्या आप उनसे बेहतर उम्मीदवार हैं। इसपर खड़गे ने कहा कि मैं प्रतिनिधियों से मिल रहा है, मैं किसी से भी खुद की तुलना नहीं होने देना चाहता हूं, मैं जमीनी स्तर का नेता हूं। लिहाजा मेरी किसी तुलना नहीं होनी चाहिए। यह संगठन का चुनाव है, संगठन में अंदरूनी लोग वोट करते हैं ,लिहाजा मैं दूसरों के बारे में बात नहीं करना चाहता हूं।
आखिरी समय में क्यों लिया चुनाव लड़ने का फैसला
आखिर के 24 घंटों में ऐसा क्या बदल गया कि आपने चुनाव लड़ने का फैसला लिया, इसपर खड़गे ने कहा मैंने सोनिया गांधी से कोई मुलाकात नहीं की थी, इस तरह की खबर फैलाई गई, लेकिन गलत है। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। जब सभी प्रतिनिधियों ने कहा कि आपको चुनाव लड़ना चाहिए तो मैंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया। यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। मैं लोगों के साथ हूं, वो जो फैसला लेते हैं, मैं उसी लिहाज से काम करता हूं। मैंने अपने करियर में 51 साल में कई पद संभाले। जो भी लोग कहते थे मैं उसी लिहाज से काम करता हूं।

हर किसी की राय से चलाऊंगा पार्टी
आप गांधी परिवार के करीबी हैं, ऐसे में कहा जाता है कि आप रिमोट कंट्रोल की तरह काम करेंगे। इसपर खड़गे ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी मेरे नेता हैं, उन्होंने पार्टी के लिए लड़ाई लड़ी ताकि इसे मजबूत किया जा सके। सोनिया गांधी की मेहनत की वजह से ही हम सत्ता में आए, कई लोग मंत्री बने। आज जो नेता सोनिया गांधी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं ये वही नेता हैं जिन्होंने सोनिया गांधी से कहा था कि आप आइए और कमान संभालिए। जो लोग कहते हैं कि मैं रबर स्टांप हूं तो लोगों को समझना चाहिए कि मैं तमाम लोगों की राय लेकर काम करने वाला व्यक्ति हूं।
क्या सोनिया गांधी ही चलाएंगी पार्टी
सोनिया गांधी 20 साल तक पार्टी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। अगर मैं किसी चीज को लेकर उनसे राय लेता हूं तो इसमे क्या गलत है, उनके पास बतौर अध्यक्ष इतना अनुभव है। अगर खड़गे अध्यक्ष बनते हैं तो राहुल गांधी की क्या भूमिका होगी इसपर खड़गे ने कहा यह बाद की बात है। आज मैं चुनाव लड़ रहा हूं, एक बार में जीत जाता हूं तो मैं तमाम अनुभवी नेताओं से पूछूंगा, उनसे सलाह लूंगा क्या करना चाहिए। उसमे गांधी परिवार भी शामिल हैं। खड़गे ने इस बात से भी इनकार किया है कि वह पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के लोगों ने यह अफवाह फैलाई कि मैं पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार हूं। तमाम प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं की मांग पर मैं यह चुनाव लड़ रहा हूं।

तब थरूर थे भी नहीं
मैं शशि थरूर के सवालों का कोई जवाब नहीं देना चाहता हूं। वो मेरे परीक्षक नहीं हैं, मैं ब्लॉक प्रेसिडेंट के पद से यहां तक पहुंचा हूं। जब मैंने शुरुआत की थी तो शशि थरूर दुनिया में थे भी नहीं। मैं उनके बयान पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं। मेरा मानना है कि मैं उदयपुर के अधिवेशन के फैसले को लागू करूंगा, जिसे तमाम वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर लिया था। मैं संगठन का व्यक्ति हूं, मुझे पता है कि कौन क्या है, अगर कोई किसी क्षेत्र में एक्सपर्ट है तो मैं उसकी राय लूंगा। कोई भी व्यक्ति अगर राज्य का एक्सपर्ट है, मैं उसकी राय लूंगा।
मोदी-शाह से नहीं डरता
आखिर कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का सामना करेंगे। इसपर उन्होंने कहा कि मोदी जी कैसे अलग-अलग जगहों पर जा रहे हैं लोग जानते हैं। मैंने मोदी का सदन में पांच साल तक सामना किया है। खुद मोदी ने मेरी बहस को सुनकर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, मुझे उनका मार्गदर्शन मिलता रहा। मैं मोदी-शाह से डरता नहीं हूं। मैं लोकतंत्र, संविधान और अपनी पार्टी के सिद्धांतों को रक्षा करना चाहता हूं।
उम्र कोई अड़ंगा नहीं
क्या यह फिक्स मैच है, इस सवाल के जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं, प्रतिनिधियों से वोट अपील कर रहा हूं। वरिष्ठ नेता मुझे अलग-अलग राज्यों में बुला रहे हैं, मेरी राय को पार्टी को लेकर रखने के लिए कह रहे हैं। अपनी उम्र को लेकर खड़गे ने कहा कि उम्र से कुछ नहीं होता है, अगर आपका दिमाग काम कर रहा है। आप किस तरह से अपनी विचारधारा पर भरोसा करते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसी जिम्मेदारी को निभा सकते हैं या नहीं।












Click it and Unblock the Notifications