'ये लोग देश को गुमराह कर रहे, झूठ बोलकर लोगों को धोखा दे रहे', संविधान पर बहस के दौरान बोले मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा में भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर हुई बहस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सत्तारूढ़ भाजपा पर करारा प्रहार करते हुए संविधान के मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। अपने संबोधन में खड़गे ने संविधान के स्वीकृत स्वरूप और इसके मूलभूत मूल्यों की रक्षा के महत्व पर जोर दिया।
राज्यसभा में संविधान पर बहस करते हुए एलओपी मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जो लोग देश के लिए नहीं लड़े। वे आजादी और संविधान का महत्व कैसे जानेंगे। प्रधानमंत्री हमें सिखा रहे थे और कहा कि हम झूठ बोलते हैं। लेकिन एक नंबर के झूठे प्रधानमंत्री हैं। कहा गया था कि 15 लाख रुपए आएंगे। लेकिन कुछ नहीं आया। ये लोग देश को गुमराह कर रहे हैं और झूठ बोलकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री को बताना चाहिए था कि उन्होंने संविधान को मजबूत करने के लिए पिछले 11 वर्षों में क्या किया है।

आरएसएस और मनु स्मृति पर सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह संविधान की जगह प्राचीन मनु स्मृति को प्राथमिकता देता है। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज और अशोक चक्र जैसे प्रतीकों का अनादर करने वालों की आलोचना की और कहा कि अब वही लोग संविधान पर दूसरों को शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कि आरएसएस मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज केवल अदालत के आदेश के बाद फहराया गया था।
अनुसूचित जातियों और महिलाओं के मुद्दे पर चिंता
खड़गे ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों और महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल को आगाह करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी अहम भूमिका होती है। उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह सरकार के नैतिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
भाजपा के योगदान पर सवाल
खड़गे ने पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार के लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने के योगदान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संविधान को कमजोर करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस की उपलब्धियां गिनाई
कांग्रेस अध्यक्ष ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मनरेगा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसी पहल को गरीबों और वंचित वर्गों के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने कोविड संकट के दौरान लाखों श्रमिकों को राहत प्रदान की और यह योजना आज भी उनकी आजीविका का आधार बनी हुई है।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आह्वान
अपने संबोधन के अंत में खड़गे ने संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के कल्याण को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। चाहे उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
भाजपा पर तीखे सवाल, कांग्रेस की नीतियों की प्रशंसा
खड़गे ने भाजपा पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के मूल सिद्धांतों से भटकना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की नीतियों और योजनाओं को देश के गरीबों और वंचित वर्गों के लिए वरदान बताया।
राज्यसभा में खड़गे का यह संबोधन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उनके विचार वर्तमान प्रशासन की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हैं और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित प्रयासों की वकालत करते हैं।












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