'कांग्रेस में बदलाव नहीं ला सकते मल्लिकार्जुन खड़गे', शशि थरूर ने अपने दावे की ये वजह बताई

नागपुर, 2 अक्टूबर: कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने अपने प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्मीदवारी पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खड़गे से पार्टी में बदलाव की उम्मीद करना बेमानी हैं, क्योंकि वह उसी मौजूदा व्यवस्था के बड़े किरदार हैं, जिसे कार्यकर्ता बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी खड़गे से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन कांग्रेस को अभी जिस परिवर्तन की आवश्यकता है, ये लाने का माद्दा उन्हीं में है, खड़गे में नहीं। थरूर ने एक तरह से उन्हें सार्वजनिक मंच से खुली बहस के लिए भी ललकारा है। थरूर ने आज जो लाइन ली है, उससे लगता है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव दिलचस्प मोड़ ले सकता है।

'यह हमारी पार्टी के भविष्य के लिए चुनाव है.....'

'यह हमारी पार्टी के भविष्य के लिए चुनाव है.....'

कांग्रेस सांसद और पार्टी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने दावा किया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता पार्टी में बदलाव नहीं ला सकते है और वह मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखेंगे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए कहा है कि वही हैं, जो पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरे उतर सकते हैं और पार्टी में बदलाव ला सकते हैं। थरूर के मुताबिक, 'हम कोई दुश्मन नहीं हैं, यह युद्ध नहीं है। यह हमारी पार्टी के भविष्य के लिए चुनाव है.....' इसके बाद उन्होंने वह कारण बताए हैं, जिसकी वजह से उन्हें लगता है कि कांग्रेस में बदलाव लाने के लिए खड़गे उपयुक्त नहीं हैं।

खड़गे जैसे नेता पार्टी में बदलाव नहीं ला सकते- थरूर

खड़गे जैसे नेता पार्टी में बदलाव नहीं ला सकते- थरूर

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है, 'खड़गे जी कांग्रेस के तीन टॉप नेताओं में से आते हैं। उनके जैसे नेता पार्टी में बदलाव नहीं ला सकते और मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखेंगे। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों के मुताबिक बदलाव लाऊंगा।' इससे पहले थरूर ने ये भी कहा था कि वह उम्मीदवारों के बीच में खुली बहस के भी पक्ष में हैं, क्योंकि इससे लोगों में पार्टी के प्रति दिलचस्पी बढ़ेगी। इसके लिए उन्होंने ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी लीडरशिप के लिए हाल में हुई बहस का उदाहरण भी दिया। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस की मौजूदा चुनौतियों का जवाब प्रभावी नेतृत्व और संगठनात्मक सुधार दोनों में संयुक्त रूप से निहित है।

जी-23 वाले स्टैंड से काफी पीछे हट चुके हैं थरूर

जी-23 वाले स्टैंड से काफी पीछे हट चुके हैं थरूर

शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष पद के एक और उम्मीदवार झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का नामांकन खारिज होने के बाद चुनावी रेस में फिलहाल खड़गे और थरूर ही बच गए हैं। थरूर का बैकग्राउंड कांग्रेस के असंतुष्ट जी-23 का रहा है, जबकि खड़गे गांधी परिवार के सबसे टॉप वफादारों में शामिल हैं। खुद थरूर भी कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के दिल में गांधी-नेहरू परिवार का हमेशा विशेष स्थान रहेगा।

किसी के विरोध में नहीं लड़ रहा चुनाव-खड़गे

किसी के विरोध में नहीं लड़ रहा चुनाव-खड़गे

इससे पहले रविवार को अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि वह किसी के विरोध में चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। गौरतलब है कि खड़गे को कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं का समर्थन तो प्राप्त है ही, जी-23 के नेताओं जैसे मनीष तिवारी और आनंद शर्मा ने भी खुलकर साथ देने की बात कही है। खुद थरूर ने भी जी-23 नेताओं का समर्थन नहीं मांगने की बात कह रखी है।

17 अक्टूबर को हो सकता है चुनाव

17 अक्टूबर को हो सकता है चुनाव

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है और उसी दिन शाम 5 बजे उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट जारी कर दी जाएगी। अगर चुनाव हुए (किसी ने नाम वापस नहीं लिए ) तो 17 अक्टूबर को वोटिंग होगी। 19 अक्टूबर को मतगणना होना है और उसी दिन चुनाव परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी। अगर सबकुछ घोषित योजना के मुताबिक हुआ तो ढाई दशकों से भी ज्यादा समय बाद गांधी-नेहरू परिवार से बाहर के नेता के नाम से कांग्रेस अध्यक्ष का पद औपचारिक रूप से जुड़ेगा।

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