मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा- किसानों की मौत का पता नहीं, तो कोरोना मृतकों का आंकड़ा कहां से आया?
नई दिल्ली, 01 दिसंबर। संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है और पिछले दो दिनों की तरह बुधवार को भी विपक्ष में दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। इस बीच किसान आंदोलन पर बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा को बताया कि सरकार के पास किसान आंदोलन की वजह से हुई किसानों की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है। नरेंद्र सिंह तोमर ने यह भी कहा कि ऐसे में मृतक किसानों के परिजनों को मुआवजे का कोई सवाल ही नहीं उठता।

दरअसल, लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या उनके पास कोई डेटा है कि कृषि आंदोलन के समय कितने किसानों की मौत हुई। क्या सरकार धरना प्रदर्शन में मारे गए किसानों को मुआवजा देगी? प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों की मौत से जुड़ा कोई भी आंकड़ा होने से इनकार कर दिया। उनके इस जवाब पर अब विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार के पास किसानों का आंकड़ा नहीं है तो कोरोना से मरने वालों का कहां से आया।
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अपने एक बयान में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'बॉर्डर पर किसानों की मृत्यु हुई क्या इसकी जानकारी सरकार को नहीं है ? 700 लोगों का अगर सरकार के पास आंकड़ा नहीं है तो सरकार ने कोरोना से मृत लोगों का आंकड़ा कहां से लिया। सरकार जनगणना के आधार पर गिनती करे और मृत किसानों को मुआवजा दें। यह किसानों का अपमान है। 3 कृषि कानूनों के विरोध में 700 से अधिक किसानों की जान चली गई। केंद्र कैसे कह सकता है कि उनके पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है?'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'अगर सरकार के पास 700 लोगों का रिकॉर्ड नहीं है तो उन्होंने महामारी के दौरान लाखों लोगों का डेटा कैसे एकत्र किया था। पिछले 2 वर्षों में कोरोना वायरस महामारी के कारण 50 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई लेकिन सरकार के अनुसार, केवल 4 लाख लोग की वायरस के कारण मृत्यु हुई है।' आपको बता दें कि करीब एक साल तक चले कृषि आंदोलन में करीब 700 किसानों के मारे जाने का दावा किया जाता है।












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