गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा ‘मेक इन इंडिया’ का जलवा
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। देश के आगामी गणतंत्र दिवस की परेड में निकलने वाली झांकियों में इस बार मेक इन इंडिया थीम का जलवा रहेगा। कई राज्य इस थीम पर अपनी झांकियों को बनाने में जुटे हैं। इनमें कुछ भाजपा शासित राज्य तो रहेंगे ही।

केन्द्र सरकार के विभाग इंडस्ट्रियल पालिसी एंड प्रमोशन(डीआईपीपी) की तरफ से तो मेक इन इंडिया थीम पर झांकी बनेगी ही। यानी कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को देश दिखाएगा कि वह मेक इन इंडिया को लेकर किस तरह से तैयार हो रहा है। डीआईपीपी और कुछ दूसरे प्रदेशों की झांकियों में दिखाया जाएगा कि भारत किन-किन मैन्यफैक्चरिंग सेक्टरों में आगे आ रहा है।
मोदी की चाहत
महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत दुनिया का प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग हब बन जाए। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से ‘मेक इन इंडिया'की घोषणा की थी ताकि विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके और देश को विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाया जा सके।
बड़े संदेश देगा
जानकारों का कहना है झांकियों में मेक इन इंडिया को दिखाकर भारत एक बड़ा संदेश देना चाहता है। जानकार ये भी कहते हैं कि अगर अगर ये बेहतर तरीके से लागू होगी तो देश में विदेशी पूंजी आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कंपनियों को निमंत्रण
मोदी ने अपने अमरीका दौरे से पहले 'मेक इन इंडिया' के तहत दुनियाभर की तमाम कंपनियों को भारत में विनिर्माण करने का न्योता दिया। 'मेक इन इंडिया' को सरकार की विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था को अग्रणी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। 'मेक इन इंडिया' अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार निवेशकों के लिए नियामक प्रक्रिया को आसान बना रही है ताकि निवेशकों को होने वाली दिक़्क़तों को कम किया जा सके।
जानकारी मिली है कि कुछ झांकियों में भारत के ऑटोमोबाइल, एविएशन से लेकर रेलवे और थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट जैसे सेक्टरों में दर्ज उपलब्धियों को दिखाया जाएगा।
बढ़िया पहल
वरिष्ठ बिजनेस पत्रकार शशि झा कहते हैं कि चूंकि गणतंत्र दिवस परेड को बड़ी संख्या में विदेशी भी देखते हैं,इसलिए मेक इन इंडिया को झांकियों के विषय के रूप में रखना बढ़िया पहल के रूप में देखा जा सकता है।












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