Satyapal Malik: कभी जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे, अब क्यों बोलना पड़ा 'मैं बागी हो सकता हूं, गद्दार नहीं'
Satyapal Malik: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर अब उन्होंने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। मलिक ने खुद को किसान का बेटा बताते हुए साफ कहा है कि वे बागी हो सकते हैं, लेकिन गद्दार नहीं।
पूर्व बीजेपी नेता सत्यपाल मलिक, जो जम्मू-कश्मीर के अलावा बिहार, गोवा और मेघालय के राज्यपाल भी रह चुके हैं, 6 मई 2025 को एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पहलगाम हमले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने हमले को सुरक्षा में गंभीर चूक बताया और कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी को इस विफलता के लिए माफी मांगनी चाहिए।

'सत्ता पक्ष से मेरे आज भी वही सवाल हैं'
अपने बयानों को लेकर ट्रोल होने के बाद मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा, "नमस्कार साथियों। बहुत से लोग मुझे सोशल मीडिया पर टारगेट कर रहे हैं, अनाप-शनाप मेरे खिलाफ लिख रहे हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं उस किसान कौम का बेटा हूं। मैं बागी हो सकता हूं लेकिन गद्दार होना मेरी फितरत में नहीं है। मैंने अपने जीवन में झुकना नहीं सीखा। सत्ता पक्ष से मेरे आज भी वही सवाल हैं।"
पाकिस्तान में हो रही चर्चा, भारत में आलोचना
मलिक के बयानों का असर न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान में भी दिखा। वहां की सरकार और सेना ने उनके बयान को भारत के खिलाफ दलील के तौर पर इस्तेमाल किया। इसी कारण भारत में उन्हें देशविरोधी करार देते हुए सोशल मीडिया पर घेरा जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले सुर
गौरतलब है कि मलिक ने ऑपरेशन सिंदूर से ठीक एक दिन पहले कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध का माहौल बना दिया है लेकिन वे कुछ नहीं कर पाएंगे। हालांकि अगले दिन जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की, तो मलिक ने सेना की सराहना की और सरकार के साथ एकजुटता भी दिखाई।
पीएम मोदी के लगातार आलोचक रहे हैं मलिक
राज्यपाल पद से हटने के बाद सत्यपाल मलिक सरकार और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक बन गए हैं। वह कृषि कानूनों से लेकर सुरक्षा नीति तक कई मुद्दों पर केंद्र की नीतियों की तीखी आलोचना कर चुके हैं।
सत्यपाल मलिक का जीवन परिचय
जन्म एवं मूल स्थान: 24 जुलाई 1946, बागपत, उत्तर प्रदेश (पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट किसान परिवार से)
शिक्षा: बी.ए. (राजनीति विज्ञान), मेरठ विश्वविद्यालय, एल.एल.बी., मेरठ विश्वविद्यालय
राजनीतिक सफर की शुरुआत: सत्यपाल मलिक ने छात्र राजनीति में कदम रखते हुए लोहिया के समाजवाद से प्रेरणा ली। राजनीतिक करियर की शुरुआत 1970 के दशक में चौधरी चरण सिंह के साथ की। 1974: भारतीय क्रांति दल से चुनाव लड़कर 28 वर्ष की उम्र में विधायक चुने गए। बाद में महसूस किया कि पश्चिमी यूपी की राजनीति तक सीमित रह जाएंगे, तो कांग्रेस में शामिल हो गए। 1984: कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य बने। कुछ वर्षों बाद कांग्रेस छोड़कर जनता दल में शामिल हुए। 1989-1991: अलीगढ़ से लोकसभा सांसद निर्वाचित हुए और वीपी सिंह सरकार में मंत्री रहे। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन की और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने।












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