Rahul Gandhi Parliament में सोमवार को पहुंच सकते हैं! SC में उनके खिलाफ पैरवी करने वाले वकील ने दिया बयान
Rahul Gandhi Parliament कब से जाएंगे? मानहानि मामले में स्टे ऑर्डर के बाद ये सवाल मौजूं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संसद और सियासत से जुड़े लोग भी ये सवाल पूछ रहे हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार राहुल सोमवार से संसद अटेंड कर सकेंगे।
दरअसल, माना जा रहा था कि शुक्रवार को ही लोक सभा स्पीकर के कार्यालय से राहुल की सांसदी बहाल होने का आदेश जारी कर दिया जाएगा, लेकिन संसद की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित होने तक ऐसा आदेश सामने नहीं आया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में राहुल के खिलाफ पैरवी करने वाले वकील ने बताया है कि राहुल सोमवार से संसद जा सकते हैं। मानहानि मामले में गुजरात के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी की तरफ से पेश हुए महेश जेठमलानी ने एनडीटीवी से कहा, सजा पर रोक लग गई है, ऐसे में राहुल सोमवार से संसद आ सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि कोर्ट ने आज भले ही राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी, लेकिन कानून की नज़र में वे अभी भी दोषी हैं। 'स्थगन' का अर्थ है कि दोषसिद्धि के परिणाम आने तक अयोग्यता पर रोक लगा दी जाएगी। क्योंकि कोर्ट ने कहा, सजा के कारण पर्याप्त नहीं थे।
अपने मुवक्किल पूर्णेश मोदी की तरफ से आगे की रणनीति पर जेठमलानी ने कहा, अब सेशन कोर्ट में अपील होगी। मजिस्ट्रेट अदालत का फैसला सज़ा और दोषसिद्धि दोनों के लिए सही है, लेकिन 'सुप्रीम कोर्ट की स्टे' के कारण राहुल संसद में लौट सकते हैं।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई, पीएस नरसिम्हा और संजय कुमार की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि बयान अच्छे नहीं। अदालत ने कहा, सार्वजनिक जीवन में भाषण देते समय सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है।
आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, ''ट्रायल कोर्ट के जज ने अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया है। ऐसे में अंतिम फैसला आने तक दोषसिद्धि के आदेश पर रोक लगाने की जरूरत है।''
बता दें कि सूरत की सेशंस कोर्ट ने विगत 23 मार्च को राहुल को दो साल जेल की सजा सुनाई थी। दोषी ठहराए जाने के बाद गांधी को लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि, कानून प्रक्रियाओं और आदेशों के आधार पर राहुल को जेल जाने से राहत मिल गई।
राहुल की सजा और सांसदी बहाल होने के सवालों पर पूर्णेश मोदी के वकील महेश जेठमलानी ने कहा, निचली अदालत ने राहुल को सजा सुनाते हुए कारण बताए, लेकिन शीर्ष अदालत ने इन कारणों को पर्याप्त नहीं माना।
संसद की सदस्यता पर जेठमलानी ने कहा, संसद सचिवालय में शनिवार-रविवार का अवकाश होने के कारण पूरी संभावना है कि राहुल सोमवार से संसद के मानसून सत्र की बची हुई कार्यवाही में शरीक हो सकेंगे।
जेठमलानी ने कहा, राहुल का बयान राजनीतिक विरोधी के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के लिए था, लेकिन उन्होंने पूरे समुदाय का अपमान किया। उन्होंने कहा, कोर्ट में इस मामले पर कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने काननी पहलुओं की बात करते हुए यह भी याद दिलाया कि ये भी विडंबना है कि राहुल को उसी कानून के तहत सजा हुई जिससे जुड़ा विधेयक खुद उन्होंने ही डॉ मनमोहन सिंह की सरकार के दौराना फाड़ कर संसदीय परंपरा का अपमान किया था।
बकौल जेठमलानी, सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि राहुल का बयान ठीक नहीं। अंतरिम आदेश में राहुल को राहत भी मिली है, लेकिन सियासी बयानबाजी के दौरान असंसदीय भाषा से बचना जरूरी है।












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