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वो तीन बड़े मुद्दे, जिन पर सहमति के बाद महाराष्ट्र में सरकार बनाएंगे ये तीन बड़े दल

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नई दिल्ली। भले ही महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है, बावजूद इसके प्रदेश में सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान थमता नहीं दिख रहा है। सभी प्रमुख सियासी दल अपने-अपने तरीके से माथापच्ची में जुटे हुए हैं। बात करें शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के एक साथ गठबंधन में आने की तो उनमें भी धीरे-धीरे सहमति के आसार दिख रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि तीनों पार्टियों के दिग्गज नेताओं की गुरुवार को अहम बैठक हुई। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय कर लिया गया। यही नहीं इस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को पार्टियों ने केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया है। अगर आलाकमान की ओर से इस पर मंजूरी मिल जाती है तो महाराष्ट्र में जल्द ही नई सरकार का गठन तय माना जा रहा है। आइये जानते हैं शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बड़ी बातें, जिनके आधार पर तय होगा सरकार गठन का फॉर्मूला...

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के अलग होने के बाद अब प्रदेश की राजनीति ने करवट बदली है। साझा सरकार बनाने पर शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के बीच आम सहमति बनती दिख रही है। ऐसा पहली बार हुआ जब तीनों पार्टियों के नेताओं की एक साथ साझा बैठक हुई। जानकारी के मुताबिक, इस महामंथन में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार किया गया। यही नहीं सरकार गठन के फॉर्मूले में कौन सी पार्टी को कितने मंत्रालय मिल सकते हैं इस पर भी विचार-विमर्श हुआ है।

शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार गठन का ये होगा फॉर्मूला

शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार गठन का ये होगा फॉर्मूला

सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र में तीनों दलों की नई सरकार का गठन होता है तो इसमें शिवसेना के कोटे से 16 मंत्री होंगे, वहीं एनसीपी से 14 और कांग्रेस पार्टी से 12 को मंत्री पद दिया जा सकता है। चर्चा ये भी है कि मुख्यमंत्री का पद शिवसेना को मिलेगा, वहीं एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष के पद पर शुरू से ही कांग्रेस दावेदारी कर रही है, ऐसे में ये उन्हें दिया जा सकता है। इसके अलावा डिप्टी स्पीकर का पद शिवसेना के हिस्से में जा सकता है। वहीं अगर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात करें तो इसमें तीन मुद्दे बेहद अहम हैं।

ड्राफ्ट में किसानों के मुद्दे पर खास फोकस

ड्राफ्ट में किसानों के मुद्दे पर खास फोकस

तीनों पार्टियों की ओर से जो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार किया गया है इसमें किसानों का मुद्दा प्रमुखता उठाया गया है। खास तौर से किसानों की कर्ज माफी, फसल बीमा का मुद्दा बेहद अहम है। जानकारी के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को तीनों पार्टियों के नेता राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के लिए भी जाने वाले हैं। बताया जा रहा कि शनिवार 3 बजे ये नेता राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

महाराष्ट्र में शिवसेना का सीएम, कांग्रेस-एनसीपी के डिप्टी सीएम

महाराष्ट्र में शिवसेना का सीएम, कांग्रेस-एनसीपी के डिप्टी सीएम

इसके अलावा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में दूसरा अहम मुद्दा बेरोजगारी का है। माना जा रहा है कि सीएमपी में रोजगार के मुद्दे पर खास तौर से फोकस किए जाने का जिक्र है। इसके अलावा अल्पसंख्यक कल्याण को लेकर चर्चा तैयार मसौदे में है। जानकारी के मुताबिक, शिवसेना को कट्टर हिंदुत्व समर्थक पार्टी माना जाता है, ऐसे में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का रोल बेहद अहम माना जा रहा है। इसके अलावा ड्राफ्ट में छत्रपति शिवाजी महाराज और बीआर अंबेडकर मेमोरियल समेत कई मुद्दों को भी जगह दी गयी है। फिलहाल इस तैयार ड्राफ्ट को तीनों पार्टियां आलाकमान को भेजेंगी, उनकी मुहर के बाद सरकार गठन की राह तय होगी।

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English summary
Maharashtra: Three Major Issues in common minimum programme talks Shiv sena NCP Congress
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