गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखेगी महाराष्ट्र की झांकी, केंद्र ने खारिज किया प्रस्ताव
नई दिल्ली। इस साल (26 जनवरी, 2020) की गणंतंत्र दिवस परेड में महाराष्ट्र राज्य की झांकी देखने को नहीं मिलेगी। रक्षा मंत्रालय ने 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के लिए महाराष्ट्र की झांकी का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र की झांकी में राज्य की 175 साल पुरानी यात्रा पर आधारित थी। इससे पहले पश्चिम बंगाल की झांकी देखने को भी रक्षा मंत्रालय ने 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए अस्वीकार कर दिया।
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सुप्रिये सुले ने उठाया सवाल
महाराष्ट्र की झांकी को शामिल ना किए जाने पर राज्य सरकार में सहयोगी दल एनसीपी की सुप्रिया सुले ने कहा, गणतंत्र दिवस पूरे भारत में मनाया जाता है और सभी राज्यों को परेड में भाग लेना चाहिए। केंद्र सरकार का व्यवहार ठीक नहीं है। गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल दोनों ने देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह राज्यों का अपमान है, मैं इसकी निंदा करती हूं।

टीएमसी भी खफा
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की झांकी का प्रस्ताव खारिज किए जाने को प्रदेश की जनता का अपमान बताया है। संसदीय मामलों के राज्यमंत्री तापस राय ने कहा है कि सिर्फ इसलिए बंगाल सरकार को वंचित किया गया, क्योंकि यहां भाजपा की जनविरोधी नीतियों का विरोध हो रहा है। केंद्र की सरकार राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

इस साल परेड में 22 झांकी
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और विभागों से कुल 56 झांकियों के प्रस्ताव आए थे। इनमें 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से थे। जिनमें से 22 को चुना गया है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 16 और मंत्रालयों/विभागों के छह प्रस्ताव अंतिम रूप से गणतंत्र दिवस परेड 2020 के लिए चुने गए हैं। इस साल ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।












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