कांग्रेस 'बहुत वामपंथी हो गई है', मिलिंद देवड़ा ने पार्टी के एजेंडे को क्यों बताया विभाजनकारी?
शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा का दावा है कि जिस कांग्रेस ने कभी वित्तीय सुधारों की शुरुआत की थी, उसका आर्थिक एजेंडा अब विभाजनकारी हो गया है और यह देश के विकास के रथ को रोकना चाहती है।
मनमोहन सरकार में केंद्र में मंत्री रह चुके मिलिंद देवड़ा इसी साल जनवरी में कांग्रेस छोड़कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाश शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि कांग्रेस पार्टी कभी मध्यमार्ग थी, लेकिन अब यह 'बहुत ज्यादा वामपंथी' हो गई है।

कांग्रेस बहुत वामपंथी हो गई है- मिलिंद देवड़ा
देवड़ा का कहना है कि कांग्रेस अब जिस नीतियों की बात करने लगी है, वह वामपंथी है, जो पूरी दुनिया में फेल हो चुकी है। उनका कहना है कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब उसे इनोवेशन और इंवेस्टमेंट को आकर्षित करने वाले विचारों पर ध्यान देना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1991 के आर्थिक सुधारों और पिछले 60 या 70 साल की कांग्रेस की नीतियों की वजह से व्यापारियों और धन पैदा करने वालों को सुविधा मिली है। लेकिन, अब कांग्रेस पार्टी 'उनका नाम बुलाने, उन्हें गाली देने, उनकी आलोचना करने' की कोशिश कर रही है।
'भारत को आगे ले जाने वाली अपनी विरासत से दूर भाग रही है कांग्रेस'
कांग्रेस की सरकार में केंद्र में संचार और आईटी मंत्रालयों में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके 47 वर्षीय नेता का कहना है कि इससे लगता है कि कांग्रेस अपनी ही विरासत से दूर भाग रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस के पास जो आर्थिक एजेंडा था, वह भारत को आगे ले जाने वाला था।
कांग्रेस का आर्थिक एजेंडा विभाजनकारी है- शिवसेना सांसद
देवड़ा का कहना है, 'आज, मुझे लगता है कि कांग्रेस का आर्थिक एजेंडा विभाजनकारी है, जो कि भारत के आर्थिक विकास की गाड़ी को डिरेल करना चाहती है, वह भी ऐसे समय में जब भारत वास्तव में एक दिलचस्प और रोमांचक विपरीत परिस्थिति का सामना कर रहा है, जहां दुनिया का ज्यादातर हिस्सा चीन से दूर रहकर, भारत में निवेश करना चाहता है।' 'हमें उसका फायदा उठाना चाहिए।'
'मनमोहन सिंह कांग्रेस के मौजूदा आर्थिक नजरिए को स्वीकार नहीं करेंगे'
2004 से 2014 तक साउथ मुंबई लोकसभा सीट से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर चुके देवड़ा का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के कई नेता कांग्रेस के मौजूदा आर्थिक नजरिए को नहीं स्वीकार करेंगे। मनमोहन सिंह तो 1991 के आर्थिक सुधारों के समय देश के वित्त मंत्री थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही तो तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की अगुवाई में आर्थिक सुधारों को लागू किया था। देवड़ा का कहना है कि 'लेकिन कांग्रेस उससे दूर चली गई, उन सुधारों से दूर चली गई।'
कांग्रेस के 'हृदय परिवर्तन' पर हमला
शिवसेना सांसद ने कांग्रेस की ओर से धारा 370 हटाने के विरोध पर कहा कि राष्ट्र निर्माताओं ने जिसमें कांग्रेस के भी सदस्य थे, उन्होंने इसे तात्कालिक प्रावधान बनाया था, पार्टी उससे भी 'भाग गई'। वे बोले, कांग्रेस ने जाति की राजनीति का विरोध किया, लेकिन आज उसकी वकालत करने लगी है।












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