Maharashtra: 31 जुलाई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, कुछ राहतों के साथ
नई दिल्ली-महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस लॉकडाउन को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामलों के चलते यह फैसला लिया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को राज्य से लॉकडाउन हटाने की संभावनाओं को खारिज कर दिया था। उन्होंने राज्य में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलो को देखते हुए लॉकडाउन एक महीने बढ़ाने का फैसला लिया है।
Recommended Video

बता दें के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, उसमें अकेले महाराष्ट्र में एक दिन में कोरोना के 5493 नए मामले सामने आए हैं और राज्य में कोविड-19 संक्रमण की कुल संख्या बढ़कर 1,64,626 हो चुकी है। इनमें मौतों का आंकड़ा भी देश में सबसे ज्यादा यानि 7429 हो चुकी है, जिनमें पिछले एक दिन में ही राज्य में 156 लोगों ने दम तोड़ा है।
वैसे राज्य में 86,575 लोग कोरोना की बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं और पिछले एक दिन में ही कुल 2330 लोग इससे ठीक होकर अपने घर लौटे हैं। राज्य के जो 10 बड़े शहर कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं उनमें मुंबई सबसे ऊपर है, जो अभी भी रेड जोन में बना हुई है। इसके अलावा मुंबई से सटे ठाणे, नवी मुंबई भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने एक महीने लॉकडाउन बढ़ाने के लिए जो गाइडलाइंस जारी किए हैं इसे 'मिशन बिगिन अगेन' का नाम दिया गया है। इस आदेश के तहत गैर-जरूरी गतिविधियों को मुबई में एक सीमित दायरे के बाहर इजाजत नहीं दी जाएगी। मतलब ये कि लोगों को सभी तरह के गैर-जरूरी काम जैसे कि शॉपिंग, घर के बाहर व्यायाम को सभी एहतियाती उपायों और स्वच्छता का ख्याल रखते हुए सिर्फ आस-पड़ोस में ही निकलने की इजाजत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक किसी भी सूरत में लोगों को ऐसे गैर-जरूरी कार्यों के लिए 2 किलोमीटर से ज्यादा दूर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस में साफ किया गया कि सिर्फ उन लोगों के मूवमेंट पर रोक नहीं होगी, जो दफ्तर जाने के लिए निकलेंगे या किसी इमरजेंसी की वजह से निकलेंगे। लेकिन, यह इजाजत भी सिर्फ कार्यस्थल तक जाने से लेकर घर लौटने या स्वास्थ्य कारणों से मानवीय आधार पर दी जाएगी। वैसे सभी आवश्यक चीजों की दुकानें, ई-कॉमर्स (जरूरी और गैर-जरूरी सामानों), सभी औद्योगिक यूनिट और खाने की होम डिलीवरी अभी की तरह आगे भी जारी रहेगी।
नई गाइडलाइंस में एक नई चीज ये है कि सभी सरकारी (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) दफ्तरों को सिर्फ 15 फीसदी लोगों या 15 लोगों (दोनों में जो ज्यादा हो) के साथ काम करने की इजाजत होगी। जबकि निजी दफ्तरों में सिर्फ 10 फीसदी क्षमता या 10 लोगों (दोनों में जो ज्यादा हो) के साथ काम करने की इजाजत होगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और आयुक्तों को यह छूट दी है कि वो अपने निगम क्षेत्रों में कुछ जरूरी उपाय लागू कर सकते और खास पाबंदियां लगा सकते हैं। इस तरह से संबित जिलाधिकारी या आयुक्त स्थानीय क्षेत्र में लोगों के मूवमेंट या गैर-जरूरी गतिविधियों को जरूरत के मुताबिक नियंत्रित भी कर सकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications