महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, नहीं होंगे अंतिम सेमेस्टर के एग्जाम
मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि, गैर-व्यावसायिक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष / अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों को आदेश दिए गए हैं कि, वे तय नियमों के अनुसार छात्रों को डिग्री दे दें। इस संबंध में सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा है।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि, राज्य सरकार ने गैर-व्यावसायिक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष / अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया है, क्योंकि वर्तमान माहौल किसी भी परीक्षा या कक्षाओं का संचालन करने के लिए अनुकूल नहीं है। विश्वविद्यालयों द्वारा तय किए गए फार्मूले के आधार पर डिग्री प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है।
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रीय स्तर की अपेक्स अथॉरिटीज को निर्देश दिए जाएं कि वे राज्य सरकार के निर्णयों को मानें। पत्र में कहा गया है कि, एआईसीटीई, सीओए, पीसीआई, बीसीआई, एनसीटीई और नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी जैसे राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है। वे राज्य सरकार के फैसले का समर्थन करें और विश्वविद्यालयों को दिशा निर्देश जारी करें।
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इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए चिकित्सा के परास्नातक छात्रों की परीक्षा टाल दी जाए। जन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री राजेश टोपे ने बृहस्पतिवार को कहा कि चिकित्सा के परास्नातक छात्रों को राज्य में कोविड-19 के मरीजों और मामलों को देखना होता है। उन्होंने कहा कि या तो उनकी परीक्षाएं टाल दी जाएं या जो छात्र परीक्षा दे रहे हैं उन्हें उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य ने केंद्र को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है।












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