महाराष्ट्र सरकार ने मराठा क्रांति मोर्चा की ज्यादातर मांगों को स्वीकार किया
मुंबई। अपनी तमाम मांगों को लेकर मराठा मराठा क्रांति मोर्चा पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहा था। यही नहीं अपनी मांगों को लेकर एक युवक ने गोदावरी नदी में कूदकर अपनी जान तक दे दी थी। जिसके बाद आखिरकार सरकार ने आंदोलनकारियों की अधिकतर मांगों को मान लिया है। औरंगाबाद के डीएम उदय कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठा क्रांति मोर्चा की अधिकतर मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों को मान लिया गया है और आरक्षण के लिए रिपोर्ट को जल्द ही भेजा जाएगा। साथ ही जिस युवक ने आंदोलन के समय गोदावरी नदी में कूदकर अपनी जान दी थी उसके परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया जाएगा। साथ ही युवक के भाई को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।

आपको बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने अपनी वारी की धार्मिक यात्रा को रद्द कर दिया था। मराठा संगठनों की धमकी के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि वारी 700 साल पुरानी परंपरा है, जिसमे श्रद्धालु पंढरपुर जाते हैं। मैं भी पिछले तीन वर्ष से यहां जा रहा हूं, कुछ संगठनों ने मेरे खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, उनका यह फैसला गलत है। अगर मेरी वजह से 10 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा है तो मैं वहां नहीं जाउंगा। आपको बता दें कि भगवान विट्ठल और रुक्मणी की समर्पित सोलापुर जिले में पंढरपुर मंदिर है, जहां यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। गौरतलब है कि मराठा क्रांति मोर्चा के सदस्य सरकारी नौकरी में आरक्षण की मांग कर रहे थे।












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