Maharashtra MLAs को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अयोग्यता पर जवाब देने का और समय मिला
महाराष्ट्र के 'बागी विधायकों' को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने डिस्क्वालिफिकेशन (Maharashtra MLAs disqualification SC) के नोटिस पर जवाब देने का समय आगे बढ़ा दिया है।
नई दिल्ली, 27 जून : महाराष्ट्र का सियासी संग्राम (Maharashtra political crisis) अब देश की सबसे बड़ी अदालत में है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने वाली याचिका पर सुनवाई की। बागी विधायकों को राहत देते हुए सुप्रमी कोर्ट ने कहा कि जिन विधायकों को डिप्टी स्पीकर नरहरी जिरवाल की ओऱ से नोटिस भेजा गया है, उसका जवाब देने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल से भी जवाब मांगा है।
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डिप्टी स्पीकर नरहरी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
अदालत ने अयोग्यता नोटिस के खिलाफ बागी विधायकों की याचिका पर डिप्टी स्पीकर को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य विधानसभा के सचिव और अन्य को भी नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों की संक्षिप्त दलीलों को सुनने के बाद शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता नोटिस के मामले को 11 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के बदले सीधा SC क्यों ?
सुप्रीम कोर्ट ने बागी खेमे ने विधायकों की अयोग्यता और शिवसेना पार्टी के नेता के रूप में अजय चौधरी की नियुक्ति के खिलाफ याचिका को लेकर उनके वकील से सवाल किया कि वे बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते ? इस पर एकनाथ शिंदे के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, एक अल्पसंख्यक विधायक दल महाराष्ट्र की मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा है। हमारे घरों पर हमला हो रहा है। वे कह रहे हैं कि हमारे शव असम से लौटेंगे। मुंबई में अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए माहौल हमारे अनुकूल नहीं है।
मंत्रालयों में नए मंत्री !
इसी बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पांच बागी / अनुपस्थित मंत्रियों और चार राज्य मंत्रियों के विभागों को दूसरे मंत्रियों को सौंपने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालयों के पोर्टफोलियो उपलब्ध मंत्रियों को दिए गए हैं।
शिवसेना सांसद संजय राउत को ED का समन
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जारी लड़ाई के बीच सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने शिवसेना सांसद संजय राउत समन भोजा है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउत से पहले भी पूछताछ हुई है। जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई के गोरेगांव में पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना में अनियमितताओं से संबंधित एक मामले में संजय राउत से पूछताछ करेगा।









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