Mahakumbh 2025: एआई से होगी 45 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा,लीजिये 'वनइंडिया' की रिपोर्ट में पूरी जानकारी
MahaKumbh 2025: प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इस ऐतिहासिक धार्मिक समागम को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों द्वारा मिलकर काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर अत्याधुनिक तकनीक लागू करने के लिए तैयार है। इस बार, मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित निगरानी प्रणाली भी शामिल होगी।
45 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, AI तकनीक का सहारा
इस बार महाकुंभ मेला में 2700 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें एआई-पावर्ड (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिस्टम भी शामिल होंगे। इन कैमरों के जरिए अधिकारियों को रियल-टाइम अलर्ट मिलेंगे, जो सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। इन तकनीकी उपायों का उद्देश्य लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा करना और आयोजन को सफल बनाना है।

महाकुंभ मेले की तैयारियां कैसी चल रही हैं? Oneindia की ग्राऊंड रिपोर्ट में देखिये।
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया था एआई चैटबॉट का ज़िक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 'मन की बात' कार्यक्रम में महाकुंभ 2025 की तैयारी के बारे में बात की थी। उन्होने बताया था कि इस बार महाकुंभ में एक एआई चैटबॉट के माध्यम से श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध होगा, जो श्रद्धालुओं को घाटों, मंदिरों और साधु अखाड़ों तक आसानी से पहुंचने में मदद करेगा। पीएम मोदी ने महाकुंभ को एकता का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से समाज में नफरत और विभाजन को समाप्त करने का आह्वान किया।
खाने पीने की नहीं होगी दिक्कत, मुफ्त में मिलेगा भोजन
महाकुंभ मेला सिर्फ एक धार्मिक समागम नहीं, बल्कि एक जीवंत शहर की तरह होगा, जिसमें बाजार, मनोरंजन क्षेत्र, धार्मिक और सांस्कृतिक मंडप भी होंगे। इसके अलावा, खाने-पीने के लिए विभिन्न भारतीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु अपने परिवार और दोस्तों के साथ आनंद ले सकें।
खोया पाया केंद्र करेगा बिछड़ों की मदद
वन इंडिया से खास चर्चा में एसडीएम ज्ञान प्रकाश यादव ने बताया कि बिछड़े हुए श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने के लिए खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां एआई तकनीक और सीसीटीवी कैमरों की मदद से बिछड़े लोगों का पता लगाया जाएगा।खोया-पाया केंद्र में आने वाले लोगों के लिए खाने-पीने की मुफ्त व्यवस्था की गई है और एआई तकनीक और सीसीटीवी की मदद से बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलवाने की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जाएगा।
महाकुंभ मेला 2025 की यह ऐतिहासिक तैयारी यह दर्शाती है कि कैसे पुराने और नए का संगम इस आयोजन को एक नई दिशा दे रहा है। इस बार की तैयारी न केवल सुरक्षा के लिहाज से बेहतरीन है, बल्कि यह एक तकनीकी और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक मानी जाएगी।












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