बिहार में भी तेज हुआ किसान आंदोलन, महागठबंधन के नेताओं ने बनाई मानव श्रृंखला
केंद्र की भाजपा सरकार द्वार लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में पटना में महागठबंधन (लेफ्ट, कांग्रेस और RLD) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली। केंद्र की भाजपा सरकार द्वार लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में पटना में महागठबंधन (लेफ्ट, कांग्रेस और RLD) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की बिहार इकाई ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान वहां मौजूद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक हम ऐसे ही विरोध प्रदर्शन आयोजित करते रहेंगे।
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वहीं आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने इसको लेकर ट्वीट किया,"आज महागठबंधन (लेफ्ट, कांग्रेस और RLD) ने मानव श्रृंखला बनाई है। गांवों में पंचायत स्तर पर लोग मानव श्रृंखला बनाकर खड़े हैं। इसका मकसद है कि हम लोग किसानों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।" मालूम हो कि 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार जिस तरीके से कार्रवाई के मूढ में दिखी उससे ऐसा माना जा रहा था कि अब किसानों के आंदोलन में कमी देखी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 26 जनवरी की हिंसा के बाद किसान और अधिक एकजुटता के साथ इन कानूनों के विरोध में आ गए हैं। अब दिल्ली बॉर्डर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान में भी किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं।
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भाजपा की तमाम विपक्षी पार्टियों का भी किसानों को सहयोग मिल रहा है। विपक्षी दलों के कई नेता गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का समर्थन करने पहुंचे हैं। गाजीपुर बॉर्डर धरना स्थल से कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा, "हम यहां राजनीति करने नहीं बल्कि समर्थन देने आए हैं। हम राजनीति कर रहे हैं ये कहने की जगह देखिए कि विपक्ष के रूप में यही हमारा दायित्व है।
राहुल गांधी के यहां आने न आने का सवाल तब उठता जब राहुल जी शुरू से इस आंदोलन को खुलकर सपोर्ट न कर रहे होते। राहुल जी लगातार इस आंदोलन के साथ है कांग्रेस साथ है।"












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