Mahadev App: 'मैं बलि का बकरा हूं, मुझसे जबरन...' CM बघेल को फंसाने वाला आरोपी अब अपने बयान से मुकरा
Mahadev app case Update News: महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में गिरफ्तार ड्राइवर असीम दास (Asim Das) ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) को फंसाने वाले अपने बयान को वापस ले लिया है। जी हां, आरोपी असीम दास ने पहले सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ बयान दिया था लेकिन अब वो अपने बयान से मुकर गया है। असीम दास का कहना है कि वो 'बलि का बकरा' बनाया जा रहा है।
नवंबर महीने की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ड्राइवर असीम दास को 508 करोड़ के महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में गिरफ्तार किया था। असीम दास पर चुनावी फंडिंग के लिए राजनेताओं को पैसे पहुंचाने का आरोप है। कांग्रेस पार्टी ने ईडी पर सरकार को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

अब आरोपी असीम दास ने अदालत को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया और एक बयान पर जबरन हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। वहीं सीएम बघेल ने आरोपों से इनकार किया है और बीजेपी और ईडी पर साजिश का आरोप लगाया है।
असीम दास जो अब अपने बयान से मुकर गए हैं। असीम दास ने लिखित बयान विशेष पीएमएलए अदालत को सौंपा है। उन्होंने अदालत को पत्र लिखकर कहा, ''मुझे अब एहसास हो रहा है कि मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है... मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी भी बघेल, या किसी अन्य कांग्रेस पार्टी के नेता या कार्यकर्ता को कोई पैसा या किसी प्रकार का समर्थन नहीं दिया है। ''
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने केंद्रीय एजेंसी पर तीखा हमला बोला। पार्टी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "मामले में ईडी के आरोप सच नहीं हैं... वे कांग्रेस सरकार को निशाना बनाना चाहते हैं।"
जानिए क्या था मामला और कैसे गिरफ्तार हुआ था असीम दास?
बता दें कि ईडी ने जुलाई 2022 में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट की जांच शुरू की थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि ऐप के प्रमोटर, जिनकी पहचान सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के रूप में हुई है, दोनों विदेश में स्थित हैं और दूर से अवैध सट्टेबाजी संचालन चलाते हैं। अपराधों की आय कई हजार करोड़ रुपये है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण से चार दिन पहले 3 नवंबर को, ईडी ने असीन दास और एक कांस्टेबल भीम सिंह यादव (41) को गिरफ्तार किया। ईडी ने कहा था कि उन्होंने असीम दास की कार से कथित तौर पर 5.39 करोड़ रुपये नकद जब्त किए।
ईडी के मुताबिक असीम दास ने कहा कि वह, एक अन्य आरोपी शुभम सोनी के निर्देश पर, "चुनावी फंडिंग के लिए भारतीय कांग्रेस पार्टी के राजनेताओं को पैसा पहुंचाने" के लिए रायपुर आए थे।












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