Madhya Pradesh: वायरल वीडियो पर बोले बीजेपी नेता मनोहर लाल धाकड़, 'AI से बनाया गया है'
Madhya Pradesh: बीजेपी नेता मनोहरलाल धाकड़ के मामले में दो सीसीटीवी फुटेज अब तक वायरल हो चुके हैं। दोनों सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर मनोहरलाल धाकड़ एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखे थे, जिसके बाद खबर ने सोशल मीडिया से लेकर मैनस्ट्रीम मीडिया तक खूब सुर्खियां बटोरी।
गिरफ्तारी के अगले दिन मिली जमानत
वीडियो बाहर आने के बाद मनोहरलाल पर FIR हुई, मोहनलाल गिरफ्तार हुए और मोहनलाल को न्यायसंगत तरीके से अगले ही दिन जमानत भी मिल गई। मनोहर बाहर आए तो मीडिया ने सवाल किए, जिस पर नेताजी ने कहा- कि जो सीसीटीवी फुटेज वायरल हैं उसमें वो नहीं हैं, ये वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। हालांकि वीडियो एआई का है या नहीं इसके लिए किसी भी साइबर फोरेंसिक लेब की इससे जांच नहीं कराई गई है।

एक्सप्रेस-वे के 3 कर्मचारियों की गई नौकरी
जो कंपनी एक्सप्रेस वे पर लगे सीसीटीवी की मॉनिटरिंग करती है उसने अपने तीन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। दरअसल NHAI ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सीसीटीवी की मॉनिटरिंग करने वाली कंपनी को इस मामले पर कार्रवाई करने के लिए कहा था।
क्या था पूरा मामला? समझें
दरअसल 13 मई को एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें मनोहर लाल धाकड़ एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के बीच में कार से उतरकर बीच एक्सप्रेस पर शारीरिक संबंध बनाते दिखाई दिए थे। मामले में 23 मई को FIR दर्ज हुई, और 25 मई को मोहनलाल धाकड़ ने भानपुरा थाने में सरेंडर कर दिया था। जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और यहां से मनोहर को गरोठ जेल भेजा गया। हालांकि इसके अगले ही दिन मनोहर को जमानत मिल गई। उन पर बीएनएस की तीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था जिनमें जल्द जमानत दे दी गई।
क्या बोला मनोहरलाल का वकील?
मनोहर लाल के वकील संजय सोनी ने बताया कि इस वीडियो की ना तो फॉरेंसिक जांच हुई है ना ही उसकी सत्यता की जांच हुई हैं। केवल उस वीडियो के आधार पर मनोहरलाल को आरोपी बनाया गया है। वकील ने दावा किया कि एआई का जमाना है और वीडियो के साथ काट-छांट भी हो सकती है। न्यूज संस्थान एमपीतक ने मनोहरलाल से बात की तो उन्होंने बताया कि वह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है, एआई तकनीक से बनाया गया है। वीडियो की सत्यता जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। मनोहरलाल ने ये भी कहा कि 'वह सीसीटीवी की मॉनिटरिंग करने वाली कंपनी एमकेसी पर भी मानहानि का केस करेंगे'।
अंडरग्राउंड होने पर मनोहर बोले-
मनोहरलाल आठ-दस दिन तक फरार भी रहे थे तो उस पर उनका कहना है कि जब पुलिस वाले गलत जानकारी के चलते उनकी कार ले गए तो वे घबरा गए थे, इसलिए वे छवि खराब होने की वजह से गायब हो गए थे। नेता ने यह भी दावा किया कि वह कार अब उनकी नहीं है, उन्होंने कई दिन पहले वो कार किसी को बेच दी थी। वहीं महिला के बारे में उन्होंने कोई जानकारी ना होने की बात कही।
मनोहरलाल से पैसे की उगाही की साजिश!
इस मामले में एक एंगल ये भी सामने आ रहा है कि एक्सप्रेसवे के जिन कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज वायरल किया उन्होंने उसी फुटेज के आधार पर मनोहरलाल से 1 लाख रुपए मांगे और नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। जिसमें मनोहर ने 20 हजार रुपए भी दिए थे। हालांकि इसके बारे में अभी तक कुछ पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।
मध्य प्रदेश पुलिस का बयान
मध्य प्रदेश की मंदसौर पुलिस ने इस मामले पर बताया कि पैसे की उगाही के एंगल की भी जांच की जा रही है। जो कर्मचारी ड्यूटी पर थे उनकी भी जांच की जाएगी। साथ ही उस महिला की तलाश भी जारी है जो उस वीडियो में मनोहरलाल के साथ दिख रह है। क्योंकि जब पुलिस ने मनोहरलाल से महिला के बारे में पूछा तो उन्होंने महिला के बारे में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। लिहाजा पुलिस सीडीआर के जरिए महिला की पहचान पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।
इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications