मध्य प्रदेश स्पीकर ने बागी विधायकों का इस्तीफा किया स्वीकार, कमलनाथ ने बुलायी प्रेस कॉन्फ्रेंस, इस्तीफे का कर सकते हैं ऐलान
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 20 मार्च को शाम 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट कराने का सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस के बागी 16 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि विधानसभा न्यायपालिका के निर्देश का पालन कर रहे हैं। दोनों संवैधानिक हैं, लेकिन संविधान खामोश है। बता दें कि कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने 10 मार्च को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसमे से 6 का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन 16 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने नहीं स्वीकार किया था। लेकिन अब आखिरकार स्पीकर ने इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

मीडिया को करेंगे संबोधित, दे सकते हैं इस्तीफा
वहीं इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ आज अपने आधिककारिक निवास पर मीडिया को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान कमलनाथ अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। इससे पहले कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का व इसके हर पहलू का हम अध्ययन करेंगे , हमारे विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे , सलाह लेंगे , फिर उसके आधार पर निर्णय लेंगे। वहीं भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके कमलनाथ सरकार पर तीखा हमला किया है।

शिवराज ने उठाया सवाल
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके लिखा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कल फ्लोर टेस्ट का निर्देश दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्य सूची अभी तक जारी नहीं की गई है। क्या कमलनाथ सरकार, स्वयं को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर समझती है? कोर्ट के फैसले के बाद शिवराज सिंह ने कहा था कि सत्यमेव जयते। मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र का मज़ाक बना कर रख दिया था! वल्लभ भवन को दलालों के अड्डा बना दिया था। शराब माफिया, रेत और परिवहन माफिया हावी हो रहे थे। कानून और व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई थी। अल्पमत की सरकार प्रदेश में नियुक्तियाँ और तबादले कर रही है। प्रशासनिक अराजकता की भी अति हो गई थी। शिवराज ने कहा कि आज ऐसे ही अन्याय की पराजय हुई है। प्रदेश की करोड़ों करोड़ जनता की दुआएं और आशीर्वाद आज हमारे साथ है। कल फ्लोर टेस्ट में इस कांग्रेस की सरकार की पराजय होगी और नई सरकार बनने का रास्ता साफ होगा। हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय का शीश झुकाकर स्वागत करते हैं। कल दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।

कमलनाथ ने भाजपा पर लगाया था गंभीर आरोप
गौर करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा था कि पूरा देश आज देख रहा है कि एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिये किस प्रकार से भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है। क्यों विधायकों से मिलने नहीं दिया जा रहा है , आख़िर किस बात का डर भाजपा को है ?
भाजपा द्वारा एक गंदा खेल प्रदेश में खेला जा रहा है। बैंगलोर में भाजपा द्वारा बंधक बनाये गये कांग्रेस विधायकों से मिलने गये कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह व कांग्रेस के मंत्रियो , विधायकों को मिलने से रोकना , उनसे अभद्र व्यवहार करना , उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लेना पूरी तरह से तानाशाही व हिटलर शाही है। किस प्रकार सत्ता के लिये वे बैचेन हो रहे है। उन्हें नींद नहीं आ रही है , दिन में भी मुख्यमंत्री पद के सपने देख रहे है। अधिकारियों को धमका रहे है।
उनकी स्थिति पर मुझे तरस आ रहा है। ना अभी भाजपा के पास बहुमत है , ना शिवराज सिंह को भाजपा विधायक दल ने अपना नेता चुना है , ना भाजपा की सरकार बनी है ,ना कभी बनेगी लेकिन शिवराज सिंह चौहान की मुख्यमंत्री बनने के लिये हड़बड़ाहट , बैचेनी पूरा प्रदेश देख रहा है।












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