'व्हाइट फंगस' की मध्य प्रदेश में दस्तक, जबलपुर में मिला पहला केस
भोपाल, मई 22: मध्य प्रदेश के जबलपुर में 55 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 से ठीक होने के बाद 'व्हाइट फंगस' संक्रमण का पता चला है। संभवत: प्रदेश में इस बीमारी का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पहले बिहार में 'व्हाइट फंगस' का मामला सामने आया था। हालांकि डॉक्टर व्हाइट फंगस को अधिक खतरनाक नहीं मान रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने ब्लैक फंगस यानी म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण को प्रदेश में महामारी घोषित कर दिया है।

जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की नाक, कान एवं गला विभाग की प्रमुख डॉ कविता सचदेवा ने बताया कि सिर दर्द और आंखों का दर्द कम नहीं होने पर 17 मई को इस व्यक्ति का ऑपरेशन किया गया था और शुक्रवार को एक जांच में उसकी नाक में व्हाइट फंगस के संक्रमण का पता चला है। उन्होंने बताया कि व्हाइट फंगस का दवाओं से उपचार हो जाता है और ब्लैक फंगस की तरह इंजेक्शन देने की जरुरत नहीं पड़ती है।
मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगस संक्रमण के 650 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। यह एक खतरनाक संक्रमण है जो कि कोविड-19 के मरीजों तथा इससे ठीक हो चुके लोगों में पाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्था की समीक्षा की थी, जिसके बाद यह आदेश जारी किये गये।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3844 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 7,60,963 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 89 व्यक्तियों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 7483 हो गयी है। राज्य में अभी 62,053 एक्टिव केस हैं।












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