VIDEO: सिंधिया सर्मथक विधायकों से मिलने गए कमलनाथ के मंत्री जीतू पटवारी के साथ बेंगलुरु में धक्का-मुक्की
बेंगलुरु। मध्य प्रदेश सरकार से इस्तीफा देकर कर्नाटक की राजधानी बेगुलरु के रिजॉर्ट में रुके सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों से मिलने गए कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और लाखन सिंह के साथ धक्का मुक्की हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि रिजॉर्ट में विधायकों को बंधक बनाया गया है और कर्नाटक पुलिस उनकी निगरानी कर रही है। वहीं कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने जीतू पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में बेंगलुरु पुलिस ने खराब बर्ताव किया। विधायकों के इस्तीफे की जांच की जानी चाहिये। जब पटवारी ने कुछ विधायकों को निकालने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई
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उन्होंने बताया कि उनके साथ मनोज चौधरी के पिता भी गए थे, उनके साथ भी बुरा बर्ताव किया गया। पीसीसी दफ्तर में दिग्विजय सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे विवेक तन्खा ने कहा कि, "जीतू पटवारी और लाखन सिंह हमारे मंत्री हैं। वह मनोज चौधरी से मिलने पहुंचे। जीतू पटवारी मनोज चौधरी के रिश्तेदार हैं और मनोज चौधरी उनके साथ आना चाहते हैं, लेकिन जीतू पटवारी के साथ मारपीट की गई है, इसके बाद जीतू पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है।
अगर बेंगलुरू पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं करती (जिन्होंने मंत्रियों जीतू पटवारी व लाखन सिंह के साथ बुरा बर्ताव) है तो हमें कोर्ट जाना पड़ेगा। किस तरह से हमारे विधायकों को बंधक और अगवा कर लिया है। हम मप्र हाईकोर्ट जाते, लेकिन ये कर्नाटक का मामला है और क्रास बार्डर इश्यू है, इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
"तन्खा ने कहा, " हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे, उन्हें बताएंगे कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और भाजपा जो कर रही है वह अपराध है। प्रजातंत्र पर इतना बड़ा हमला पहले कभी नहीं हुआ है। मप्र में कभी खरीद-फरोख्त नहीं की गई लेकिन यहां के विधायकों के साथ भी खरीद-फरोख्त की गई है। आज प्रजातंत्र को खतरा किससे है, कांग्रेस से या बीजेपी से है।" इसके बाद तन्खा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को वो वीडियो भी दिखाए, जिसमें जीतू पटवारी के साथ पुलिस धक्का मुक्की कर रही है और उन्हें अपने साथ जबरन बस पर बिठा रही है।












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